What Should We Do Poem – क्या कर सकते है – Suffering Poetry

What Should We Do Poem – Suffering Poetry What Should We Do Poem क्या कर सकते है जिंदगी से रज़ा माँगा मौत सुना दी क्या कर सकते है !! दोस्तों से बददुया माँगा जफ़र से किये का सजा माँगा ना मिली बददुया ना सजा धडकनो में हसरत भड़ दी क्या कर सकते है !! समंदर

Darta Hai Dil – डरता है दिल – Poem on Heart in Hindi

Darta Hai Dil – Poem on Heart in Hindi Darta Hai Dil डरता है दिल कही जबान साथ ना दे कोई बला हो तुम कही सितारें साथ ना दे डरता है दिल………….. बहत संभाला धड़कन तेरे नज़रो के इरादों से बहत संभाला होश तेरे दिलकश अदाओं से। हर जाम पे कसमें खाइ हर चाँद से

Dard Poem – दर्द तो वक़्त के बहाने – Pain in Life

Dard Poem – Pain in Life Dard Poem दर्द तो वक़्त के बहाने भर जाते है पर वक़्त का क्या कभी भी याद आते है। कुछ लम्हों में सांस मिलते है तो सभीको कोई जीते है पल भर कई मर जाते है। गुलशन को क्या है कई गुलफाम मिल जाते है जो गुल मुरझाये एकबार

I Look Forward to Your Reply – कुछ तो कह दो – Time Poem

I Look Forward to Your Reply – Time Poem I Look Forward to Your Reply कुछ तो कह दो अब आँखों से सही लफ्ज़ अधूरे तो नज़रे ही सही। क्या पता कल ये लम्हा ना मिले क्या पता कल ये फुर्सत ना मिले। ना बोल सको तो कोई बात नही मैं तुम्हारी ख़ामोशी भी अब

Poem About Sympathy – उन सांखो की कभी कराह – Advice Poem

Poem About Sympathy – Advice Poem Poem About Sympathy उन सांखो की कभी कराह सुन लेना बेबजह छट ते है शहर में दास्ताँ बनने के लिए। उन सूखे पत्तों के तारीख़ देख लेना बेसबब सूखते है ग़ैरत के महल बनने के लिए। कुछ तो हद किताबों में होती है इनके ख्वाहिशे की हद तोड़ते है

Poem About Waiting Someone – क्या देखू क्या – Confusion Poem

Poem About Waiting Someone – Confusion Poem Poem About Waiting Someone क्या देखू क्या नही जलवे बहत है ज़माने में पर जो खुदको देखा आईने में !! शक्लें बहत है इस चेहरे में। कुछ ऊँचा निचा नज़रे देखा कुछ रंग बिरंगे फितरत देखा जो खुदको देखा लोगों के नज़रों में कमी बहत है इस अहमक

What Should I Do Poem – क्या करू दिल – Confusion Poetry

What Should I Do Poem – Confusion Poetry What Should I Do Poem क्या करू दिल सपना था एक ख्वाब लिखू तेरे साथ हर पल ख्याल लिखू। पर ख्वाब तो ख्वाब है रात जलने के बाद मिलती नही ख्याल तो ख्याल  ही है तेरे जाने के बाद भी मिटती नही। क्या करू दिल……………………. क्या करू

Besharam – मैं नंग हूँ दिल के बाज़ार में अज़ीज – Ghazal Poetry

Besharam – Ghazal Poetry Besharam मैं नंग हूँ दिल के बाज़ार में अज़ीज लोगों ने सौदाई समझा बरे फुर्सत से दुशनाम किया। क्या करता मानूस हूँ आखिर नाहक ही मीरी बनने चला था !! फ़िलहक़िक़त में गरीब कातिब हूँ जुर्म इतना था मुहब्बत कर बैठा। नंग – लज्जित ; सौदाई – पागल; दुशनाम – गाली

Gazal Hindi Mai – फ़सीह फ़क़ीर हूँ मैं – Ghazal Poetry

Gazal Hindi Mai – Ghazal Poetry Gazal Hindi Mai फ़सीह  फ़क़ीर हूँ मैं सितारें शूमार नही करता। लकीरों की मुख़ालिफ़ हूँ यारों खामखा आसमां को यूँही  दुशनाम नही करता। शाइस्ता इंसान हूँ लोगों नाहक किसीको तज़लील नही करता। इफ़ाक़ की उम्मीद नही मुझको ग़ैरत है मुझमे लोगों  !! इंसानियत की सौदा नही करता। फ़सीह –

Tohfa Poem – फिर वही टूटे दिल की सौगात – Sad Poem on Life

Tohfa Poem – Sad Poem on Life Tohfa Poem फिर वही टूटे दिल की सौगात आई वही काली रातवाली दर्द बहुत आई। फिर ग़लत था दिल एक झूट को सच माना फिर नज़रों से गिरने वाली हालात आई। वही पत्थर सी नज़र आई दिल तो दिल है फिर शीशे की ख़िताब पाई। लाख समझाया था

Khwahish Poem – दिल में ऐब इतनी है – Poem on Fear

Khwahish Poem – Poem on Fear Khwahish Poem मैं जितने की ख्वाहिश नही रखता अब पर हारने का ग़म है मुझे। मैं टूटने का डर रखता नही अब पर बिखरने का दर्द है मुझे। बाज़ी पलटे ना पलटे चाल चलने की थकान तो नही !! वक़्त बदल रही है यारों अब शाम ढलने की फिक्र

Funny Life Poems – तफ़रीहत है जिंदगी – Poem Life Lessons

Funny Life Poems – Poem About Life Lessons Funny Life Poems तफ़रीहत है जिंदगी ऐशोइशरत की तिश्नगी रखते है सब नौहए – ग़म में डूबा है बस्ती नग़मये – शादी चल रही महलों में। चिराग़े – मुर्द गड़ी है आँखों में साहब के ज़ौक़ आसमां पर है। ये ख़ालिक़ थोड़ी देर ही सही एकबार झाक

Evening Poem in Hindi – करेले सि मुह बनाके – Evening Poem

Evening Poem in Hindi – Evening Poem Evening Poem in Hindi करेले सि मुह बनाके बैठी शाम ख़ामोशी भि चीड़ रही है अब तो सूरज को घर जाने कि जल्दी है मुझे भि !! पता नही अब तो ये हर रोज़ कि कहानी है पंछियाँ भि आजकल थक कर जल्दी सो जाती है। एक अकेली

Koi Hai – कोई है तो नही – Hope Poetry

Koi Hai – Hope Poetry Koi Hai कोई है तो नही कोई ख़्वाब है शायद !! कभी ना कभी वो ख़्वाब वाली नींद नही टूटेगी फिर से। ये सिलसिला अब तो आदत बन चुकी है कभी ना कभी ये आदत कि मजहब नही छूटेगी फिर से। कुछ तो है अंदर हि अंदर ऊधम मचाके रखी

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