Author: Satyam Khare

Daughter in Hindi – घर की बात – Poem on Humanity in Hindi

Poem on Daughter Daughter आज हमारे घर की बात है कल तुम्हारे घर की भी बात होगी आज हमारी आँखे भरी है कल तुम्हारी आँखे भी भारी होगी आज तो बच कर घर पर बेटी हैं कल अगर बाहर हुई तो किसी और के हाथ होगी फिर वो हाथ हिन्दू का हो या मुस्लिम का

Poem Human Life – मेहरबानी – Poem on Humanity in Hindi

Poem Human Life – Poem on Humanity in Hindi Poem Human Life वाह रे इंसान! तेरी गज़ब की मेहरबानी है…… अब हो रही बच्ची तक की क़ुर्बानी है वाह रे इंसान! तेरी गज़ब की मेहरबानी है ….. भाई के चेहरे में छिपा हुआ हरामी है वाह रे इंसान! तेरी गज़ब की मेहरबानी है ….. यह

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