Away Poem – आज कुछ दूर हो तुम – Loneliness Poem in Hindi

Away Poem – Loneliness Poem in Hindi

Away Poem

आज कुछ दूर हो तुम,
पर करीब से लगते हो!
दर्द देते हो बेहिसाब,
मेरे नसीब से लगते हो।
कि तेरा नाम जब भी,
लबों पे मेरे आता है।
होती है इक हलचल सी दिल में मेरे,
जो तेरे होने का एहसास दिलाता है।
मेरे हो तुम मैं जानता हूँ मगर
तुम मेरे होके भी,
मेरे नहीं लगते हो।
इश्क ने मेरा,
कैसा हाल कर डाला।
जिधर देखूँ उधर बस,
तुम ही तुम नज़र आते हो।
रात की नींद और चैन छीन ली हो तुम,
लेकिन तुम्हें क्या हुआ?
तुम भी जागे जागे से लगते हो

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