Changing Poem – बादलो को चेहरे बदलते देखे – Poem on Beauty

Changing Poem – Poem on Beauty

Changing Poem

बादलो  को चेहरे बदलते देखे है,
तूफानों को रुख बदलते देखे है,
बहुत देखे पर कम देखे जब,
लोगों को यहाँ हैवान बनते देखे है…!!

कोई ना जाने किस्मत क्या है,
कोई ना जाने अजमत  क्या है,
फिर भी देख भाग दौर ली है,
कोई मर जाये किसको क्या है।

वाह री दुनिया क्या रीत चला है,
इंसां काटे इंसान की गला है,
धर्म की चोली महंगे बिकते,
अब खून की कीमत कोड़ी का है।

बादलो  को चेहरे बदलते देखे है,
तूफानों को रुख बदलते देखे है,
बहुत देखे पर कम देखे जब,
लोगों को यहाँ हैवान बनते देखे है…!!

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