Decision Poem – कही फैसला किया जाता – Love Poetry in Hindi

Decision Poem – Love Poetry in Hindi

Decision Poem

कही फैसला किया जाता है
हम वीरानों में शहर ढूंढते है
कही अरमां जलाया जाता है
हम खाख में करिश्मे ढूंढते है।

किस लुटे शहर के मानिंद हो तुम
किस टूटे शाहिल के कस्ती हो तुम
यहाँ शहर का शहर बुतों का कारस्ता है
किस झूटे मुहब्बत के वारिश हो तुम।

कोई रेत पर ख्वाब लिखता है फरीद
कोई पलकों पर तस्वीर बनाता है फरीद
बेखबर तुफानो पे ऊँगली उठती है बेसबब
यहाँ हर कोई ख़ुदा पे नज़रे उठाता है फरीद।

कभी मैखानों में नज़रे घुमा के आना
हर साक़ी से दो चार सबब पूछके आना
सब आग में जले किस्से मिलेंगे राशिद
कभी उन धुयों के जाम में डुबके आना।

अभी पतझर में कब्र पर पत्तों कि गलीचा होगा
हर शाम के सूरज पर झूटे वादों का इलज़ाम होगा
अब कोई चांदरात के जलसे पर जाते नही
मिलना है तो जायो मैखानो में
वहा हर दिलजले का महफ़िल जल रहा होगा।

कही फैसला किया जाता है
हम वीरानों में शहर ढूंढते है
कही अरमां जलाया जाता है
हम खाख में करिश्मे ढूंढते है।

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