Excuse Poem – खुबसूरत सी कोई बहाना – Ghazal Poem About Love

Excuse Poem – Ghazal Poem About Love

Excuse Poem

खुबसूरत सी कोई बहाना दे दो..
मेरे जिन्दगी एक जमाना दे दो…
फुरसत में लम्हे यूँ बहता है..
इन लम्हों को एक ठिकाना दे दो..
बेहिसाब दिल खर्च यूँ हो रहा है..
बदनामी सही एक नाम तो दे दो..
बेजुबान इश्क यहाँ पल पल दम तोड़े..
इसे मुहब्बत का कोई फ़साना दे दो..
खुबसूरत सी कोई बहाना दे दो..
मेरे जिन्दगी एक जमाना दे दो…

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