Ghazal Poem About Love – शाम ढले जब – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem About Love – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem About Love

शाम ढले जब
चाँद चुपके से बोले आना मेरे गली
ओ बाँके आना मेरे गली।

रात बरे जब
तारें चुपके से बोले
आ खेलेंगे आँखमिचोली
ओ बाँके खेलेंगे आँखमिचोली।

देख के पिया बोले साजना
आ चल आसमां तले
चाँद बस रात भर
तारें बस रात भर
मैं जिंदगीभर ना छोड़ू तेरा आँगन तेरा गली।

सुनके हुआ आँखे नम
बोला चाँद तारें भी है कम
तेरे बिना सुबह भी लगे मुझको काली।

शाम ढले जब
चाँद चुपके से बोले आना मेरे गली
ओ बाँके आना मेरे गली।

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