Khush Poetry – कभी तो मुझसे बाते कर Ghazal Poem About Love

Khush Poetry – Ghazal Poem About Love

Khush Poetry

कभी तो मुझसे बाते कर लेना,
खामोश हूँ गर आँखों से कह देना।

मैं परेशां नही,
बस गम है की कोई गम नही !!
मैं हैरान नही,
बस खुश हूँ,
इतना है की कुछ कम नही !!

तुमने कहा था कभी के मुझे होश नही,
मदहोश हूँ जिन्दगी से इस कदर,
के मुझे आफशोश नही।

लम्हों में लम्हे दुढ़ता हूँ,
राख में मोती ढूढता हूँ,
कही न कही एक पल मिलेगा,
उस पल में हमारे साथ जी लेना।

लोग बहुत अपनों में देखा,
अपना क्या है ये ना देखा,
अब बस तुम हो जी भरके देखू,
इतना बस है तुम सह लेना।

कभी तो मुझसे बाते कर लेना,
खामोश हूँ गर आँखों से कह देना।

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