Lamhe Poetry – कुछ लम्हों का ये बादल – Poem on Hope in Hindi

Lamhe Poetry – Poem on Hope in Hindi

Lamhe Poetry

कुछ लम्हों का ये बादल है,
आते जाते रहते है।

इन बादोलों से क्या घबराना,
एक सावन तक रहते है।

तन भीगे तो भीगने दो,
आँखों में बारिश ना पलने देना।

एक सूरज तो तेरा भी है,
दिल में बादल ना बसने देना।

छोटी छोटी खुशियाँ मोती है,
इन खुशियों में जीबन है।

गिर गए तो इसे  हादसा कहलो,
हादसे तो एक बहाना है।

ख़ुदा के सबसे प्यारे बन्दे हो,
हर पल ख़ुदा तेरे साथ है।

नज़रे उठायो आगे देखो,
पूरी आसमां सिर्फ तुम्हारा है।

कुछ लम्हों का ये बादल है,
आते जाते रहते है।

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