Life Death Poem – ज़िन्दगी-मौत – Poem About Life Journey

Life Death Poem – Poem About Life Journey

Life Death Poem

ज़िन्दगी, मौत को पाने का एक ज़रिया है, मैंने देखा है
आओ तुम भी बैठ जाओ
इस ज़िंदगी की गाड़ी में।

सफर तो अलग थलग होंगे
किसी को मखमल की सड़कें मिलेंगी
किसी को चट्टानों से गुजरना होगा
मगर हाँ ये गाड़ी भी सब की एक ही है “ज़िन्दगी”
आओ आ कर बैठ जाओ इसी गाड़ी में।

हवाओं की परतें एक ही है
मेरे सर पे भी, तुम्हारे सर पे भी
हाँ, किसी के सर पे दुआओं का असर ज्यादा होगा
तो वो कम ही भीगेगा गमों की बारिश में
पर इसमें हवाओं का दोष नहीं है
उसका तो एक ही काम है
हमें हिफाज़त से हमारी मंज़िल तक पहुँचाना,
डरो मत भाई इसी गाड़ी में बैठ जाओ।

लंबे सफर की फिक्र क्यों करते हो
कोई बात नहीं
जब मंज़िल पर पहुँचेंगे
तो मौत की आरामदायी पोशाक पहन कर
हम सब आराम फरमा लेंगे,
घबराओ मत
मंज़िल सब को मिलनी है,
आराम सब को मिलना है,
आओ चढ़ जाओ गाड़ी में।

डरो नहीं, आ जाओ ज़िंदगी में
यही एक रास्ता है
जो हमे हमारी मंज़िल तक ले जाएगा,
हमें मौत के साहिल तक ले जाएगा।

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