Do Not Poem – ना जाना यूँ खामोश रहके – Ghazal Poem

Do Not Poem – Ghazal Poem Do Not Poem ना  जाना यूँ खामोश रहके अलबिदा तो कह के जा रह गए जो अधूरे सपने कल के वादा करके जा। ना जाना यूँ…। तेरे बिन लम्हों का एहसान होगा तेरे आने तक ना रुके कभी, तेरे बिन ये साँसे क़र्ज़ होगा तेरे आने तक ना थमे

Book Poem – खुली किताब हूँ – Ghazal Poem

Book Poem – Ghazal Poem Book Poem खुली किताब हूँ कुछ पन्नो पर यूँ एतबार ना कर कहानी अब भी बाकी है यार और कुछ आगे तो पड़। कुछ रौशनी कम है सच्चाई नही अँधेरे में झूट कहा सच बोलती है !! ये रात फीकी पर जाने दे धुप की सच मीठी होती है… ना

Laal Rang Poem – किसके दामन लाल रंग सना – Poem on Behavior

Laal Rang Poem – Poem on Behavior Laal Rang Poem किस किसके दामन लाल रंग सना है, धो लेना नदी में गर पुण्य कमा है, कोई पूछेगा तो कह देना, ये रंग ही है बर चड़ बोला है। हाथ उठाके खुदको दिखाना, वहा रंग नही आइना दिखेगा, तुमसे कुछ सवाल भी पूछेगा, उन सवालो पे

Aaina Poetry – अब घर से सारे आईने मैंने निकाल – Ghazal Poem

Aaina Poetry – Ghazal Poem Aaina Poetry अब घर से सारे आईने मैंने निकाल दिए तन्हा हूँ तनहा रहू ख्वाहिसे निकाल दिए. अब घर से… खिड़की बहुत थे घर में सारे बंद कर लिए रौशनी से नाता तोड़ ली अँधेरे में बह लिए.. अब घर से… खामोश घर दीवारे अब खुद को सह लिए आवाजे

Voice Poem – दूर कही कोई आहट निकले – Memories Poem

Voice Poem – Memories Poem Voice Poem दूर कही कोई आहट निकले, लगता मुझे जानी पहचानी। दस्तक देके पुरवाई जो निकले, लगता मुझे वोही बात पुरानी। बारिश की वो भीनी सी खुसबू, बादल शराबी झूमती गाती। एक छतरी में दो दिल धड़कती, याद आती वो गुजरी कहानी। आज भी जब जब शाम ढलती है, चाँद

Water Poem – पानी का रंग नीला परा है – Ghazal Poem in Hindi

Water Poem – Ghazal Poem in Hindi Water Poem पानी का रंग नीला परा है, जहर ये नीला कम लगता है, अब किसको कोसु कौन गबाह है, ये प्यास पुराना आच्छा लगता है। पानी का रंग…… उची मंजिल पत्थर के सड़के, हरियाली अब फीका लगता है, दिन लम्बी है रात छोटी अब, गुजरा कल कहानी

Shehar Poetry – मेरे शहर का कोई नाम था कभी – Poem on City

Shehar Poetry – Poem on City Shehar Poetry मेरे शहर का कोई नाम था कभी, ईट पत्थरो में कही अब खो गया। मेरे शहर में दिल की काम था कभी, उचे मंजिलो में कही अब नीलाम  हो गया। कभी खिड़कियाँ यहाँ आसमां लाती  थी, आज धुप भी हमें अजनबी कहते है। मेरे शहर में कभी

Blank Paper Poem – कोरे कागज़ ही तो है – Poem on Life Hindi

Blank Paper Poem – Poem on Life in Hindi Blank Paper Poem कोरे कागज़ ही तो है, लिखा बहुत कुछ, आँखों में समुन्दर, सब मिट गया। सबूत  मांगते हो, नज़र तो घुमाओ, झुर्रियां एक कहानी वयां कर देगी। एक सुबह की तलाश करते थे हम, वक़्त के फेर में शाम ढल गया, कितने अमाबस गुजरे,

Fairies Poem – परीओं का मेला – Poem on Joy

Fairies Poem – Poem on Joy Fairies Poem माँ ने कही थी ये जहाँ परीओं  का मेला, ये दुनिया खुबसूरत ख़ुदा  ने है खेला, माँ ने कही थी सब में ख़ुदा रहता है, तुम भी हो ख़ुदा के प्यारे बन्दे, माँ ने कही थी ये जहाँ परीओं  का मेला। माँ आज मैंने दुनिया को देखा,

Hard Work Poem – मैं काम करता हूँ – Poem on Parishram Hindi

Hard Work Poem – Poem on Parishram in Hindi Hard Work Poem मेरा उम्र है छोटा मैं काम करता हूँ, मैं और बच्चा नही मैं काम करता हूँ, ये सुबह क्या होता शाम क्या है, ये दुनिया क्या होता जहाँ क्या है, मैं कुछ नही जनता मैं काम करता हूँ। हाथो में छाले पड़े दर्द

Poem on Ambition in Life – छोटे छोटे अरमां Poem on Ambition

Poem on Ambition in Life – Poem on Ambition Poem on Ambition in Life छोटे छोटे अरमां है मेरे, कही तो है आसमां  भी मेरे, मैं क्या अलग हूँ तुमसा नही, मैं क्या पत्थर हूँ इंसान नही, मुझे भी तुम जीने का हक दो, गर आसमां नही तो जमीं का हक दो. क्यों ये अँधेरा

Running Poem – बहुत दिनों से चल रहा हूँ – Ghazal Poem

Running Poem – Ghazal Poem Running Poem बहुत दिनों से चल रहा हूँ, मंजील की कसम। शहर शहर घूम रहा हूँ, आशियाँ की कसम। बहुत दिनों से चल रहा हूँ, मंजील की कसम। काफिले बहुत मिले खुदा के ओर, मिला नही खुदा कही भी, मेरे अरमां की कसम। बहुत दिनों से चल रहा हूँ, मंजील

Changing Poem – बादलो को चेहरे बदलते देखे – Poem on Beauty

Changing Poem – Poem on Beauty Changing Poem बादलो  को चेहरे बदलते देखे है, तूफानों को रुख बदलते देखे है, बहुत देखे पर कम देखे जब, लोगों को यहाँ हैवान बनते देखे है…!! कोई ना जाने किस्मत क्या है, कोई ना जाने अजमत  क्या है, फिर भी देख भाग दौर ली है, कोई मर जाये

Poem on Hope and Faith – मेरा क्या यहाँ तेरा – Poem on Hope

Poem on Hope and Faith – Poem on Hope Poem on Hope and Faith मेरा क्या यहाँ तेरा क्या है, अब आईने भी खामोश रहते है। दो कल हमने साथ देखे थे, आज वो कल कही और रहते  है। दो दो करके हम ख्वाब थे बनाये, अब मलवे है हम दो रहते है। वो कल

Lamhe Poetry – कुछ लम्हों का ये बादल – Poem on Hope in Hindi

Lamhe Poetry – Poem on Hope in Hindi Lamhe Poetry कुछ लम्हों का ये बादल है, आते जाते रहते है। इन बादोलों से क्या घबराना, एक सावन तक रहते है। तन भीगे तो भीगने दो, आँखों में बारिश ना पलने देना। एक सूरज तो तेरा भी है, दिल में बादल ना बसने देना। छोटी छोटी

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