Not Alone Poem – मेरे अलावा घर में एक Poem on Hope in Hindi

Not Alone Poem – Poem on Hope in Hindi Not Alone Poem मेरे अलावा घर में एक आइना है, तसल्ली है मैं तन्हा नही हूँ। हम दो बाते कर लेते है, एहसास जताती मैं अकेला नही हूँ। ऐसे तो चार दीवारे भी है, हम पाँच हमेशा साथ रहते है। एक छत भी है भोरौसा देती,

Poem on Life in Hindi – कितने समुन्दर देखा – Memories Poem

Poem on Life in Hindi – Memories Poem Poem on Life in Hindi क्या कहे कितने समुन्दर देखा, सुखा अबतक ज़माने में। एक मेरा दामन नही सुखा, भीगा है पैमानों में। शहर शहर बसते देखा, गलियाँ रस्ते बनते देखा। ना देखा तो बस एक अपना घर, लोगों के नज़रों में उजड़ते देखा। सफ़ेद बालो ने

Secret Pal Poem – कुछ पल बचाके मैं रख़ा हूँ Poem About Time

Secret Pal Poem – Poem About Time Secret Pal Poem कुछ पल बचाके मैं रख़ा हूँ, साथ जो तेरा मेरा लिखा है। कुछ अरमां सजाके रखा हूँ, एक सपना जो तेरा मेरा है। कुछ पल बचाके मैं रख़ा हूँ, साथ जो तेरा मेरा लिखा है। अजनबी लोग यहाँ चेहरे अलग है, उसपर नकाब और रंग

Khush Poetry – कभी तो मुझसे बाते कर Ghazal Poem About Love

Khush Poetry – Ghazal Poem About Love Khush Poetry कभी तो मुझसे बाते कर लेना, खामोश हूँ गर आँखों से कह देना। मैं परेशां नही, बस गम है की कोई गम नही !! मैं हैरान नही, बस खुश हूँ, इतना है की कुछ कम नही !! तुमने कहा था कभी के मुझे होश नही, मदहोश

Confusion Poems – पहेली हो या कोई अनसुनी – Ghazal Poem

Confusion Poems – Ghazal Poem Confusion Poems पहेली हो या कोई अनसुनी, जो भी हो तुम दिल में बस गयी। एक चाँद की कसम रात की रानी, चांदनी भी तुमसे कम पर गयी। पहेली हो या कोई अनसुनी, जो भी हो तुम दिल में बस गयी। अब फीका सा लगे, हर सुबह तेरे बिन, तू

Gum Poem – कुछ तो कही गुम सा है – Ghazal Poem About Love

Gum Poem – Ghazal Poem About Love Gum Poem कुछ तो कही गुम सा है, पास है हम तुम मगर, एक दरमियां सा है… कभी खास था, कभी सांस था, नासाज़ अब दिल यहाँ, एक बर्फ सा है। कुछ तो कही गुम सा है…. साल गुजरे है कितने, एक अमाबस ना गुजरा, ख़ामोशी जम गयी

Mirror Poem – ये चाँद तेरा आइना देखा Ghazal Poem About Love

Mirror Poem – Ghazal Poem About Love Mirror Poem ये चाँद तेरा आइना देखा, इस जमीं की है, उस में तुझको देखा !! ये चाँद…… उसके गेशुओ में बादल आवारा देखा, उसके रंगत में चाँदनी खिलते देखा, बस एक फर्क है उसमे क्या कहु तुझको!! बेदाग़ यूँ हुस्न खुदको जलते देखा। ये चाँद तेरा आइना

Eyes Poem – आँखों में बादल अपना – Ghazal Poem in Hindi

Eyes Poem – Ghazal Poem in Hindi Eyes Poem आँखों में बादल अपना, बारिश कोई मुजरिम तो नही। चेहरे पर घटा यूँ जो छाए, सावन कोई मुलाजिम तो नही। दर्द के बहाने अजीब है, अपना रस्ता ढूढ़ ही लेते, कोई तो ये बताये, ये रिश्ता पुराना क्या है। आँखों में बादल अपना, बारिश कोई मुजरिम

Wind Poem – सनसनाती हवा – Ghazal Poem in Hindi

Wind Poem – Ghazal Poem in Hindi Wind Poem सनसनाती हवा, खिलखिलाती फिजा, सुनो क्या कह रही है, कोई करीब आ रही है। खिड़की में से चाँद हमसे कुछ कहा, जो छुया चाँदनी, मदहोश ये दिल हुआ, देख ये शमा गा रही है, कोई करीब आ रही है। जुगनुओ की बाराती, सितारे झिलमिलाती, गुम होश

Memories Poem – कैसे भूल सकते है – Poem on Life in Hindi

Memories Poem – Poem on Life in Hindi Memories Poem कैसे भूल सकते है, ये जमीं ये नाते, आखिर रेत पर पैर कहा टिकते है। कैसे भूल सकते है, इन पगदंडियो में शाम, सूरज रोज़ मिलके जाता था, कुछ आशा कुछ भोरोसा देके जाता था। कैसे भूल सकते है, जिन्दगी के थपेरों से लथपथ हुयी

Little Girl Poem – एक छोटी सी लड़की – Poem About Destiny

Little Girl Poem – Poem About Destiny Little Girl Poem एक छोटी सी लड़की, रोटी बिलखती, माँ क्या होती जानेना। तन्हा भटकती, फूटपाथ में सोती, घर क्या होता जानेना। उसकी आँखों में मोती, हाथो में सुखी रोटी, चाँद को मानेना। वो सडको की रानी, बस धुल है ना पानी, खिलोने क्या है जानेना। ना उसकी

City Life Poem – ना पूछना मुझसे मेरे शहर के बारे Ghazal Poem

City Life Poem – Ghazal Poem City Life Poem ना पूछना मुझसे मेरे शहर के बारे दोस्तों, किस्तों में यादे भुला हूँ, अब  चेहरे भी याद नेही दोस्तो… ना पूछना मुझसे मेरे शहर के बारे दोस्तों, किस्तों में यादे भुला हूँ, अब  चेहरे भी याद नेही दोस्तो. उन गलियों में शाम होती अब भी, आँगन

Childhood Memories Poem – बचपन में – Poem on Childhood

Childhood Memories Poem – Poem on Childhood Childhood Memories Poem कई रंग देखा था बचपन में, कितने रांगोली बनाये थे बचपन में। हर रंग चखा मीठी थी सब शहद जैसे, दोनों हाथ रंगा था बचपन मे। उन रंगो से कॉपिया भरता था, कभी सूरज कभी चाँद उन रंगो मे लाता था, कपड़े तक रंगो से

Said Poem – यूँही कह दिया था – Love Poem for Her in Hindi

Said Poem – Love Poem for Her in Hindi Said Poem यूँही कह दिया था तेरे बेबाक पलके, ना आना तुम फिर कभी, ना दिखाना तुम्हारे साये। ना आना कभी छत के मुंडेर पर, ना आना कोई भी चाँद के बहाने, यूँही कह दिया था तेरे बेबाक पलके। तेरे होंठ में कपकपी सी थी, चेहरे

Chand Jami Pe – चाँद को जमीं पर – Poem on Imagination

Chand Jami Pe – Poem on Imagination Chand Jami Pe चाँद को जमीं पर बुलाया था हमने, मेरे खिड़की और छत दिखाया था हमने, बहुत सारे बाते किया था हमने, बादलों पे कसके हँसा था हमने। हम दोनों के ख्याल बरे मिलते है, हर कुछ अपना लुटाते रहते, हर कोई खुश रहे यही चाहते रहते।

Pin It on Pinterest