Yaadein Poem – वो नमकीन यादे कई समंदर दे – Love Poetry

Yaadein Poem – Love Poetry Yaadein Poem वो नमकीन यादे कई समंदर दे गया कुछ पल के ख्वाब मेरी पूरी जिंदगी ले गया वो नमकीन यादे कई समंदर दे गया……. वो पल ना मांग लेना कई साँसे सिमटी है इनमे वो आधे गीले वक़्त ना मांग लेना अब झुलसे तपते दिनों में कई सर्द एहसास

Dosti Poem – हमें फुर्सत में कभी यार – Time Poetry

Dosti Poem – Time Poetry Dosti Poem हमें फुर्सत में कभी यार वक़्त मिलते है दो गज़ जमीं के दाम पूछने के लिए हरबार तो नही एक आध बार चाँद मिलते है मेरे दामन मे दाग के हाल पूछने के लिये। दो का दो पांच जिंदगी एक झलक हिसाब बेहिसाब जख्म कि ताऱीख हिचकियों मे

Water Poems – आप क्या वही पानी है – Question Poetry

Water Poems – Question Poetry Water Poems आप क्या वही पानी है जो समंदर देखा था कभी आज आसमां है के सितारें हाल पूछते है। आप क्या वही सुर्ख जमीं की दो बूंद प्यास हो आज दरिया झूमते ते है और सागर पूछते है। सिर्फ़ एक सवाल जबाब की उम्मीद नही करता मैं हम दरीचे

Kya Ho Tum Poem – तुम एक ख्याल हो – Question Poetry

Kya Ho Tum Poem – Question Poetry Kya Ho Tum Poem तुम एक ख्याल हो मिटते नही सवाल हो क्या हो क्यों हो मेरे ख्वाबों मे धुंधली जाल हो। क्यों आती हो बार बार जहन मे किस मिटटी कि कमाल हो मेरे दिल मे उठती गूंज हो क्यों धड़कती हो हर बार कौनसी सुर हो

Broken Glass Poem – दर्द तो कांच के टुकड़े – Pain Poetry

Broken Glass Poem – Pain Poetry Broken Glass Poem दर्द तो कांच के टुकड़े है समेटना मत जख्म बर जाएँगे यूँही बस कुरेदना मत दर्द तो कांच के टुकड़े है……… मुझको अल्लाह दर्द हि देना खुशियां मत खुशिया पल दो पल कि तिजारत परखना मत दर्द तो कांच के टुकड़े है……… लाल है दामन भीगे

Human Heart Poem – दिल के पुर्जे पुर्जे खोले – Heart Poem

Human Heart Poem – Heart Poem Human Heart Poem दिल के पुर्जे पुर्जे खोले देखा हर पुर्जे मे यादों के जंग परे थे आँगन के टूटे चापाकल के पानी से देर तलक धोये फिर जलते धुप मे सुखाये शाम को उठाके पुराने संदूक में बन्द रख आये। घर से निकले शाम को सोचा उस पुराने

Adhura Khwab Poem – एक अधूरा ख्वाब – Hindi Poetry

Adhura Khwab Poem – Hindi Poetry Adhura Khwab Poem एक अधूरा ख्वाब कुछ भीगा कुछ सुखा बरसात मेरे शाम मेरे दिन रात कुछ सहमते ख़यालात तुम कही नही हो. बेआबरू हक़ीक़त के दाँत शंगिन जुर्म एक प्यासी चांदरात खामोश चांदनी और उसके साथ तुम कही नही हो. मैं और मेरे आईने कि सच मैं और

Yeh Zindagi Poetry – ये जिंदगी और – Poem About Life Journey

Yeh Zindagi Poetry – Poem About Life Journey Yeh Zindagi Poetry ये जिंदगी और क्या नीली पिली धुप है कुछ सिली सिली मस्तिया कुछ नीली नीली शोख़िया ये जिंदगी और क्या? ये बादल कि मटर गश्तियां ये धीमी धीमी आग है कोई जलते बुझते इश्कियां कुछ काले सफ़ेद गुड़िया ये जिंदगी और क्या? कभी सीधी

Leaf Poem – टुटा पत्ता सांख से – Poem About Pain And Hurt

Leaf Poem – Poem About Pain And Hurt Leaf Poem टुटा पत्ता सांख से तो दिल में टिस सी उठती है कोई पुराना छूटा यहां पर बात नई क्यों लगती है, टुटा पत्ता सांख से………. रिस्ता क्या है बादल से अपना बारिश तो आती जाती है फिर भि आसमां टुटा कहीं तो अपना दामन क्यों

Broken Heart Poem – जल गया दिल – Sad Poems About Love

Broken Heart Poem – Sad Poems About Love Broken Heart Poem जल गया दिल फिर भि पूछते हो धुयां सा है पिली जिंदगी फिर भि पूछते हो नीला सा है! शहर मे आँगन मिलते नही बिरान सा है पत्थर है कुए कोइ दरिया नही प्यासा सा है! तूफां कि अब जरुरत क्या है सब उजरा

Long Distance Poem – कही दूर था बैठा खुद – Lonely Poetry

Long Distance Poem – Lonely Poetry Long Distance Poem कही दूर था बैठा खुद से के एक ख्याल आया नज़रे तो आसमां पे है पर परछाई तो ज़मीं पर नज़र आया! ऐसे तो सूरज आसमां पर मिलते है किसी झील से आँख मिलाओ हरेक लहरों पर सूरज भि बहते मिलते है! फ़क़ीर के हाथ पे

Search Poem – कमियां ढूंढता हूँ – Poem About Human Life

Search Poem – Poem About Human Life Search Poem कमियां ढूंढता हूँ आजकल बहत सारे है नज़र मे वो अंदाज ना रही के नज़रअंदाज़ कर दु ग़ालिब! दोस्तों ने तो नज़रे हि फेर ली दुश्मनों के नज़र मे दोस्त ढूंढता हूँ रिस्तो के लहूँ मे नमक कम है आजकल अब अजनबी शहर मे दुश्मनी ढूंढता

Life Problems Poems – ये ख़ुदा ख़्वाब देखू – Poem on Life

Life Problems Poems – Poem on Life in Hindi Life Problems Poems ये ख़ुदा ख़्वाब देखू या अंचार छत पर दोनों ही सूखे पलते है! ये परिंदो एक आसमां ला दे यहा के अब हिस्सों में मिलते है हो सके दो चार तिनके ला दे यहां सहारा अब बाज़ारों में बिकते है! एक उचा टीला

Kashish Poem – एक अजीब कशिश सी – Love Poetry In Hindi Lyrics

Kashish Poem – Love Poetry In Hindi Lyrics Kashish Poem एक अजीब कशिश सी रहती थी उन दिनो मेरे घर से तेरे घर कि दुरी छलांग भर तो ना थी पर पैर जमीं पे कहा टिकते थे! वो कौनसी गलियां रही होंगी मेरे पैर ना चाटे होंगेः तेरे घर के आस पास घूमती रहती थी

Poetry Hope Inspiration – हर शाम हर बार – Hope Poetry

Poetry Hope Inspiration – Hope Poetry Poetry Hope Inspiration हर शाम हर बार मैं और सिर्फ़ मैं सूरज से वादा करता हूं कल फिर मिलूंगा इस टीले पर आँखों मे सच्चाई लेके। दिन भर टूटूंगा गिरूंगा पसीने मे लथपथ रहकर सच कि हाथ नही छोड़ूंगा थक कर चूर होकर भि मिलूंगा तुझसे दिल मे हौशला

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