Respect Woman Poem – रानी पद्मावती – Woman Poetry

Respect Woman Poem – Woman Poetry

Respect Woman Poem

बॉलीवुड का खेल अजब है
जिसने इतिहास की गरिमा लुटाया है ।

चन्द पैसों के लिए ईमान को भी खोया है
झूठी शोहरत झूठी आन ही केवल पाया है ।

पद्मावती की गरिमा घटाकर क्या तुमने पाया है
कुछ तो शर्म करो कैसी भूल करता आया है ।

संजय लीला भंसाली तुमने जग को भरमाया है
इतिहास को छेड़ कर जनाक्रोश जगाया है ।

रानी पद्मावती इतिहास का गौरव
कोई मिटा नहीं पाया है
भंसाली तुमने क्यों ये कोशिश फरमाया है ।

रानी पद्मावती की जौहर कथा क्या दिखाया है
तुमने आधा सच और आधा झूठ मिलाया है ।

अलाउद्दीन की थी रानी पर बुरी नजर
उसने राजा रतन सिंह को फंसाया था ।

रानी पद्मावती के लिए उसने जाल बिछाया था
रतन सिंह को कैद कर संदेश भिजवाया था ।

रानी तुम मेरी बनी जाओ खिलजी ने कहलवाया था
जिसे सुनकर रानी ने स्वीकार पत्र भिजवाया था ।

खाली पालकी सैनिकों सहित रानी ने खिलजी को भिजवाया था पद्मावती रानियों सहित अग्नि कुण्ड में जौहर अपनाया था ।

लोगों का आक्रोशित होना सही हमने पाया है
पर इतना ध्यान रहे दीपिका का नाक काटना
गलत हमने पाया है ।

नारी का मान हनन का युद्ध है ये
फिर क्यों दूसरी नारी का मान हनन करें ।

जनसमुदाय से विनती है कुछ इसका भान करें
मर्यादा में ही रहकर न्याय की मांग करें ।

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