Say Poem – कभी हिन्दू कहते हो – Ghazal Poem in Hindi

Say Poem – Ghazal Poem in Hindi

Say Poem

कभी हिन्दू कहते हो,
कभी मुसलमान कहते हो,
और कभी इंसान को तुम,
भगवान कहते हो…..!!!!

कहने को तुम आजाद कहते हो,
कैद हो तुम फिर भी कहते हो,
रंगों की होली रोंगोली कहते हो,
और लहू निकले तो,
सफ़ेद कहते हो…..

भाई को अब दुश्मन कहते हो,
बात अपने पे आये,
दुहाई किस्मत कहते हो,
घर जलाकर जायज कहते हो,
खाक में मिली तो,
तो राख कहते हो….

कभी इंसान भी कहलो,
तो क्या बात है…
हसने दो खुदा को,
बातों में बात है……

कभी हिन्दू कहते हो,
कभी मुसलमान कहते हो……..

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