Special Person Poem Inspirational – कोई कतरा कतरा जी रहा है

Special Person Poem Inspirational – Life Poem in Hindi

Special Person Poem Inspirational

कोई कतरा कतरा जी रहा है
कोई लम्हा लम्हा मर रहा है
कोई हाथ पकड़े उम्मीद ना रखना
अब आसमां भी जमीं से
अलग हो रहा है।

वो कौनसी नफ़स है
जिसपे क़र्ज़ ना हो
वो कौनसी धड़कन है
जिसपे बोझ ना हो।
कोई कतरा कतरा ले रहा है
कोई लम्हा लम्हा ढो रहा है।

वो ज़ीस्त ही क्या
जिसमे मौज़ ना हो
वो दर्द ही क्या
जो नासूर ना हो
कोई कतरा कतरा बह रहा है
कोई लम्हा लम्हा सह रहा है।

वो सांख कि क्या
जिसमे पत्तों का चहक ना हो
वो पेड़ कि क्या
जिसमे परिंदो कि आशियाँ ना हो
कोई कतरा कतरा सुख रहा है
कोई लम्हा लम्हा उजर रहा है।

कोई कतरा कतरा जी रहा है
कोई लम्हा लम्हा मर रहा है
कोई हाथ पकड़े उम्मीद ना रखना
अब आसमां भी जमीं से
अलग हो रहा है।

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