Tag: Beauty Poetry

Husn Ki Rani – ज़र्रा ज़र्रा तक – Poem About Beauty of a Woman

Husn Ki Rani – Poem About Beauty of a Woman Husn Ki Rani ज़र्रा ज़र्रा तक फैला है हुस्न मैं संभालता कैसे कतरा कतरा साँसों में घुल रहा है इश्क़ मैं भला रोकता कैसे। कुछ इस तरह मिल रहा है नब्ज़ों में कुछ इस तरह बस रहा है धड़कनो में जिंदगी बन गई है अब

Beauty Woman Poem – तुम्हारे हुस्न की दौलत – Hindi Poem

Beauty Woman Poem – Hindi Poem Beauty Woman Poem तुम्हारे हुस्न की दौलत, सनम तुमको मुबारक हो, मैं सरहद पर ही अपनी जान की कीमत बता दूँगा, वतन से ही मुहब्बत है, वतन से ही इनायत है, मैं इसके इश्क में हद से गुजर खुद को मिटा दूँगा| उधर दुश्मन करे आघात भारत माँ के

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