Tag: Country Poems

Country Poem in Hindi – देश नहीँ अंधा है – Poem on Pain

Country Poem in Hindi – Poem on Pain in Hindi Country Poem in Hindi देश नहीँ अंधा है देख रहा है सबकी चालों को दुश्मन के हाथों घायल होते भारत के गालों को देश नहीँ अंधा है समझ रहा जेहादी चाहत को हत्यारों के हित में होती नित-नित नयी वकालत को देश नहीँ अंधा है

Bharat Mata Poem – किसने किसको मारा – Poem on Life in Hindi

Bharat Mata Poem – Poem on Life in Hindi Bharat Mata Poem किसने किसको मारा किसने किस पर क्या अत्याचार किया, किसके पुरखों ने किसके पुरखों के संग क्या व्यवहार किया, किसने किसको क्या गाली दी किसने उद्दंड कहा किसको, किसने कालिख पोती किसने जुल्मों की तरह सहा किसको? यह तो अतीत के पन्नों की

Bharat Mata Poem – खंडित भारत माता रोती – Kavita Kosh

Bharat Mata Poem – Kavita Kosh Bharat Mata Poem खंडित भारत माता रोती, फ़िर भी जवान धड़कन सोती, वीरों के कुल में जन्मी जो, वो बेल आज खुद विष बोती, भू पर वर्चस्व हमारा था, चहुंओर खुशी उजियारा था, कुदरत ने अपनी आँखों से, स्वर्णिम इतिहास निहारा था, पर आज उसी भारत की क्या? हालात

Mera Bharat Mahan Poem – मेरा भारत महान – Poem on India

Mera Bharat Mahan Poem – Poem on India Mera Bharat Mahan Poem लोग कहते हैं मैं कौमी एकता पर नहीँ लिखता, पढिये मैं इससे ज्यादा अच्छा क्या लिखूं. “मेरा सपना है यह मेरा भारत महान कुछ ऐसा हो” कण कण से कोहिनूर निकले सोती सोती से गंगाजल, बेडियां सभी पायलेें बनें हर कालिख बन जाए

India Poem – घायल हिंदुस्तान हुआ – Poem About India in Hindi

India Poem – Poem About India in Hindi India Poem वो बातें वो प्रेम मुहब्बत अमन चैन अब नहीँ रहा, हर दिन आशंकित है, डर से मुक्त रैन अब नहीँ रहा, गलियों-गलियों में हत्यारे खून के प्यासे बैठे हैं, इनकी गरदन से कानूनी पंजे हाथ समेटे हैं, धू-धू जलकर हँसता खिलता शहर आज श्मशान हुआ,

Indian Culture Poem – भारत क्यों बना विश्वगुरु – Poem India

Indian Culture Poem – Poem India Indian Culture Poem धर्म का विनाश का हो तो लेते अवतार कृष्ण बाल्यकाल से ही अरिहन्त बन जाते हैं रेणुका के पुत्र क्रोध करते हैं धारण तो विश्व के अधर्मियों का अंत बन जाते हैं. दीनों की दशा को देख दयावान दयानंद विश्वम आर्यम कृणवन्त बन जाते हैं करुणा

Universe Poem – विश्व के साथ – Poem About India in Hindi

Universe Poem – Poem About India in Hindi Universe Poem आज विश्व के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर, सबको एक साथ लेकर, भारत विश्व में अपना परचम लहरा रहा है, मेरा देश बदल रहा है। आज हर रोज़ कानों में, आज़ादी का शब्द गूँज ही जाता है, अच्छे दिन कब आएँगे? हर किसी से पूछा

Democracy Poem – लोकतांत्रिक देश में कितना – Anger Poem

Democracy Poem – Anger Poem Democracy Poem लोकतांत्रिक देश में कितना, लोके-तंत्र बदनाम हो रहा है, हर रोज़ किसी न किसी की बेबाकी का, देश मेरा शिकार हो रहा है। छवि क्या थी पहले इसकी, और अब कैसी कर डाल रहे, क्या भूल गए यह देव भूमि है, यहाँ कभी कृष्ण रहे, कभी राम रहे!

Poem on Country in Hindi – देश द्रोह का मौसम – Poem About Country

Poem on Country in Hindi – Poem About Country Poem on Country in Hindi आँधियाँ पेड़ों पर नही उगतीं घनघोर उमस की गहराइयों में पनपता है बीज़ ग़ुबार का असन्तोष का पसीना बन जाता है सैलाब, ज्वार का हुकूमत की नाक जब होती है नाकाम पहचानने में पसीने की गन्ध तब उसे मौसम का बदलाव

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