Tag: Daughter Poetry

Poem on Daughters in Hindi – बेटियाँ – Hindi Poem on Betiyan

Poem on Daughters in Hindi – Hindi Poem on Betiyan Poem on Daughters in Hindi उतनी ही प्रसव वेदना वही रक्त वही माँस उतनी ही कोमलता वही धड़कनें वही साँस फिर क्यों उसका आगमन जन्म देता है उपेक्षाओं को उसकी परवरिश करती हैं कुछ विकलाँग सोचें अभाव की बैसाखियों को स्वभाव बना कर लेकिन फिर

Save Daughter Poem – दुनिया में आना – Hindi Poem on Betiyan

Save Daughter Poem – Hindi Poem on Betiyan Save Daughter Poem अगर मेरा दुनिया में आना, भी तुमको मंजूर नही जिस दिन तरसोगे बेटी को, वो दिन ज्यादा दूर नही । अपना ही था खून तुम्हारा, जिसे कोख में मार दिया आपकी बेटी कल की माँ है, ये भी नहीं विचार किया । जानकर अंजान

Betiyan Poem – Daughters Poem – Hindi Poem on Betiyan

Betiyan Poem – Hindi Poem on Betiyan Betiyan Poem सम्पूर्ण धरा से चुन-चुन कर, अच्छी चीजें लाऊँगी पूरी पृथ्वी को बेल कर भी, रोटी मीठी खिलाऊंगी। सीख लूँगी अपने पैरों पर, खड़ा होना आपसे नही माँगूंगी वस्त्र आभूषण, कह रही हूँ विश्वास से । ओ माता ! ओ पिता ! मुझे मत मारो, मुझे मत

Betiyan Poem – Poem on Daughters in Hindi- मैं इस समाज को

Betiyan Poem – Hindi Poem on Betiyan Betiyan Poem मैं इस समाज को समझ नहीं पाई, मां-बाप के घर में सुना बेटी कि है पराई, डोली में तुम जाना, हमारा मान बढ़ाना, बिना बुलाए मायके में मत आना, कभी पीहर पर मत इतराना, उस घर में डोली में जाना, अर्थी पे वापस आना| मैं इस

Daughter in Hindi – घर की बात – Poem on Humanity in Hindi

Poem on Daughter Daughter आज हमारे घर की बात है कल तुम्हारे घर की भी बात होगी आज हमारी आँखे भरी है कल तुम्हारी आँखे भी भारी होगी आज तो बच कर घर पर बेटी हैं कल अगर बाहर हुई तो किसी और के हाथ होगी फिर वो हाथ हिन्दू का हो या मुस्लिम का

Betiyan Poem – प्यारी बिटिया रानी – Poem on Daughters

Betiyan Poem Hindi Poem Betiyan Poem मेरी प्यारी बिटिया रानी, जब वो नने नने पैरों से चलती है, मरे जीवन को खुसियो से भर्ती है, उसको मुस्कराते हुए देखकर ही, मुझे जीवन भर की खुसी मिलती है, उस को कोई कुछ बोले तो पापा का डर वो दिखाती है, अपनी छोटी छोटी फरमाइसे मुझ को

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