Tag: Festival Poetry

Basant Panchami Poem – वसंत पंचमी – Happy Basant Panchami

Basant Panchami Poem – Happy Basant Panchami Basant Panchami Poem चाँद तारों की महफिल में आया हूँ मैं दिल को शीतल उजाले से भर दीजिए जग की पीडा मैं सबको सुनाता रहूँ शारदे माँ मुझे ऐसा वर दीजिए दीन दुखियों से बिछड़े निवाले लिखूं इसके दोषी ये अंग्रेज काले लिखूं लिख दूँ मजदूर कीं सारीं

Hindi Diwas Poem – हिन्दी गौरव – Poem on Hindi Diwas

Hindi Diwas Poem – Poem on Hindi Diwas in Hindi Hindi Diwas Poem हिन्दी गौरव हिन्द राष्ट्र की, हिन्दी है अभिमान हमारा, हिन्द और हिन्दी की रक्षा, करना है कर्तव्य हमारा। मत भूलो हर राष्ट्र की, अपनी इक पहचान होती है, उस राष्ट्र की राष्ट्र-भाषा ही, उस की आन, बान और शान होती है। हिन्दी

Poverty Poem – दीपावली के जगमगाहट – Poem on Diwali

Poverty Poem – Poem on Diwali Poverty Poem दीपावली के जगमगाहट में, ज़रा गौर से देखो यारो! एक बच्चा सिसक रहा है, ग़रीबी के मार से पीड़ित है, पर कुछ न कह रहा है। अपनों के संग खुशियाँ बाँटना, कोई ख़ास बात नहीं है, गैरों को अपना लेना ही, तो दीपावली है। घर के बच्चे

Festival Poem in Hindi – दीपावली – Deepawali Poem

Festival Poem in Hindi – Poem on Deepawali in Hindi Festival Poem in Hindi संवेदनाएं अभी कितनी, संत्रास में पड़ी हैं, अनुभूतियाँ भी कितनी, वनवास में पड़ी हैं, जीतना ही होगा हमें, अंदर के दशानन को, साथ लेकर युद्ध में, निष्ठा के लक्षमन को, प्रेम की गंगा सदा ही, ह्रदय में उमड़ी रहे, हर तरफ

Poem on Holi in Hindi- इस बार होली में- Holi Poem

Poem on Holi in Hindi – Holi Poem Poem on Holi in Hindi आओ गले हंसकर मिलें इस बार होली में चारों तरफ उड़ता रहे बस प्यार होली में दिल में लगी हर बात को जलाकर आग में पिचकारियों से हो प्रेम की बौछार होली में वक़्त की कमी में कुछ वक़्त का भी फेर

Teaching of Buddha in Hindi – बुद्ध पूर्णिमा – Festival Poem in Hindi

Teaching of Buddha in Hindi – Festival Poem in Hindi Teaching of Buddha in Hindi धर्म को धारण करो धर्म को धार मत दो धर्म से रक्षा करो तुम उसे हथियार मत दो हिंसा को हर धर्म ने अधर्म ही कहा है धर्म को चिंगारियों से जलते विचार मत दो धर्म से चेतना के द्वीप

Eid Mubarak Poem – ईद मुबारक – Festival Poem in Hindi

Eid Mubarak Poem – Festival Poem in Hindi Eid Mubarak Poem ईद मुबारक उन बन्धु को, हमें भी जो बन्धु माने, राष्ट्र-प्रेम से ओतप्रोत जो, गद्दारों संग नहीं खड़े. ईद मुबारक उन बहनां को, जो नित्य राखी बांध रही, मोह छोड़ पत्थरवाजों से, रक्षक भाई के साथ खड़ी. ईद मुबारक उन अम्मीजान को, जिनकी नहीं

Festival Poem in Hindi – Poem on Deepawali in Hindi

Festival Poem in Hindi – Poem on Deepawali in Hindi Festival Poem जला डाला उसको! हाँ, उसीको, जिसकी बहन सुर्पनखा, लक्ष्मण को रिझा न सकी, नाक कटवाकर लौटी थी, ललकारी थी भाई के मर्दानगी को, और फिर …………… और फिर, नारी का अपमान का बदला, नारी को अपमानित कर लेने, पहुँच गया था जो सीता के

Poem Diwali – दीवाली – Poem on Deepawali in Hindi

Poem Diwali – Poem on Deepawali in Hindi Poem Diwali मुबारक हो सभी जन को, यह ज्योति पर्व दीवाली, पधारे हैं गणेश लक्ष्मी, मने घर-घर में दिवाली, दुःख-दर्द दूर हों सबका, मुरादें हों सभी पूरी, दीया ऐसे जलाएं हम, मने फिर रोज दीवाली.

Diwali Kavita – आज जगत भर के आँगन – Festival Poem

Diwali Kavita – Poem on Deepawali in Hindi Diwali Kavita आज जगत भर के आँगन में कुछ ऐसे दीप जलाएंगे, बस्ती बस्ती झूम उठेगी, बच्चे भी खुश हो जाएंगे।। आँगन आँगन फूल खिलेंगे, घर घर में उजियाला होगा, अब की बार पटाखों पर नहीं ग़मों पर आग लगाएंगे।। दीप जलाते वक्त ही मन को भी

Holi Poem In Hindi – होली है भई होली है – Holi Kavita In Hindi

Holi Poem In Hindi – Holi Kavita In Hindi Holi Poem होली है भई होली है, खूब सजी रंगोली है, घुजिया, मिठाई लाओ भाई आई रंगों की डोली है, होली है भई होली है। सब को रंग लगाएंगे नाचेंगे सब गाएंगे छत पर चढ़ कर, गली में छुप कर सब भीगेंगे भिगाएँगे, यही तो आँख

Diwali Poem – Poem on Diwali Festival in English – Diwali

Diwali Poem – Poem on Diwali Festival in English Diwali Poem After a year’s wait, Diwali, finally arrives, The marvelous lanterns, The sweet delicacies joys. The ever colorful rangoli, The noisy colorful crackers, The beautiful bright lightings, The variant house decorations. The small cute “Diyas”, The sweet  “Shankar palis” The spicy tasty “Chaklis”, The trendy

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