Tag: Ghazal Poem

Ghazal – दंगल चुनाव के – Funny Poem on Politics in Hindi

Ghazal – Funny Poem on Politics in Hindi Ghazal दंगल चुनाव के यहाँ आखेट हो गए, पचता नहीँ विकास ऐसे पेट हो गए, कैसे कहें शिक्षित बनेगा यह प्रदेश जी, नेता भी जो थे सभ्य आज़ ठेठ हो गए, कल ही गए थे संग रैलियों में जो वहाँ, कट जो गई टिकट तो डॉग-कैट हो

Ghazal Poem – रात बहकी हुई थी – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem – Ghazal Poem in Hindi Ghazal Poem रात बहकी हुई थी ग़ज़ल बन गई, बात चहकी हुई थी ग़ज़ल बन गई| मखमली जिस्म बारिश ने जब छू लिया, बूँद महकी हुई थी ग़ज़ल बन गई| पास आकर मेरे कान में कुछ कहा, साँस लहकी हुई थी ग़ज़ल बन गई| कब तलक सब्र के

Dost Poem – इस बार मेरे यार मेरा – Dost Poem in Hindi

Dost Poem  – Dost Poem in Hindi Dost Poem इस बार मेरे यार मेरा, ऐतबार कर लेना, सच्चा है मेरा प्यार सनम, इंतज़ार कर ले ना। कह दे तो चीर सीना, अपना दिखा दूँ मैं तुझे। है प्यार कितना दिल में, आजा दिखा दूँ मैं तुझे।। दिल की है मेरे बात सनम, दरिया दिली दिखा

Ghazal Poem In Hindi – दौर ए जहान – Ghazal Poetry in Hindi

Ghazal Poem In Hindi – Ghazal Poetry in Hindi Ghazal Poem In Hindi शख़्शियत जितनी मशहूर होने लगी पहचान उतनी मग़रूर होने लगी देखकर वक़्त के मातमी कहकहे ज़िन्दगी कितनी मज़बूर होने लगी सय्याद सब बाग़बाँ बन गए हैं यहाँ रौनक ए फ़िजाँ काफ़ूर होने लगी किया ना अदा नश्तरों ने फ़र्ज़ भी फिर सियासत

Praise Poem – बड़ी तारीफें सुनीं थीं – Ghazal Poem in Hindi

Praise Poem – Ghazal Poem in Hindi Praise Poem बड़ी तारीफें सुनीं थीं इन रंग-ए-बहारों की, ये तो क़ब्र निकली, मुझ जैसे हज़ारों की। दाद इस महफ़िल में पनपती ग़ज़लों को ना दो, खिदमत करो तो नंगे पांव खड़े कतारों की। कहीं दूर से एक ख़त आया है “सहर” के नाम, जिसमे खुशबू है मेहताब

Ghazal Poem – ज़ख़्म में थोड़ा सा सुधार – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem – Ghazal Poem in Hindi Ghazal Poem ज़ख़्म में थोड़ा सा सुधार आया है, मेरी आँखों से लहू का ग़ुबार आया है। रोज ज़ुल्म की दास्ताने कैसे नज़रअंदाज़ करते हो, लो पलट लो पन्ने फिर एक अखबार आया है। तेरे होठों पर तो बमुश्किल ही आता होगा, मगर मेरी ग़ज़लों में तेरा ज़िक्र

Heartbreak Poems – जाओ जा कर कह दो – Ghazal Poem

Heartbreak Poems – Ghazal Poem Heartbreak Poems जाओ जा कर कह दो उन दरिन्दों से, अब हवाएं भी डरने लगी हैं परिंदों से।। ऐ रात अब तेरी हुकूमत नहीं रही, सहर के आगे कुछ न होगा तेरे बाशिंदों से।। तुम मेरे हालात को इतना हल्के में न लो, कितना रोया हूँ रात पूछो मेरे रिन्दों

Love Ghazal Poems – हमें कुछ दर्द है सीने – Ghazal Poem Hindi

Love Ghazal Poems – Ghazal Poem Hindi Love Ghazal Poems हमें कुछ दर्द है सीने में, जलन सी हो रही है, तुम्हें भी हार जाने से चुभन सी हो रही है।। नजाने कब से मेरे ख़्वाब बिस्तर पर नहीं लेते, तभी सोचूं इन्हें क्यों अब थकन सी हो रही है।। मेरी आँखों का ये सिलसिला

Love Ghazal Poems – इतनी मुहब्बत से न देख – Ghazal Poem

Love Ghazal Poems – Ghazal Poem About Love Love Ghazal Poems इतनी मुहब्बत से न देख, मैं तेरा शिकार हो जाऊंगा, तुझे जंग ही जीतनी है तो तेरा हथियार हो जाऊंगा।। उसने मुझे दिल के किसी कोने में रख छोड़ा है, कुछ और बरस यहीं रहा तो मैं बेकार हो जाऊंगा।। अपने हुस्न के जलवे

Ghazal Poem – ग़म-ज़दा हो जाएंगे – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem – Ghazal Poem in Hindi Ghazal Poem ग़म-ज़दा हो जाएंगे, हम बेवफ़ा हो जाएंगे, पत्थरों की भीड़ में हम रास्ता हो जाएंगे ।। जब भी दर्द उठे सीने में, हमको बुला लेना, तेरे पराए हैं लेकिन तब भी हम दवा हो जाएंगे।। सिलवट सी पड़ जाएगी जब तेरे मेरे किस्सों में, कागज़ पर

Ghazal Poems – तुम जो आए तो आसमां – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poems – Ghazal Poem in Hindi Ghazal Poems तुम जो आए तो आसमां भी ज़मीं हो गई, चाँद के मुखड़े पे सितारों की कमीं हो गई। ख़ुश्क मौसम की हालत तो देखो ऐ ग़ज़ल, सूखे पत्तों के जिगर में भी नमीं हो गई। पाँव मेरे ज़मीं पे अब टिकते नहीं शायद , आसमानों में

Poem Song Lyrics – आज भी मेरे जीवन मे – Song Poetry

Poem Song Lyrics – Poem in Hindi Language Poem Song Lyrics आज भी मेरे जीवन मे एक ही सिर्फ तेरी कमी है आँखे गीली हैं सांसे ढीली हैं रात भी दर्द से थोड़ी नीली है तेरे यादों की झोली कैसी बर्फ सी जमी है आज भी मेरे जीवन मे एक ही सिर्फ तेरी कमी है

Love Pain Poem – धीरे धीरे ये दर्द भी बेजुबां हो – Ghazal Poem

Love Pain Poem – Ghazal Poem in Hindi Love Pain Poem धीरे धीरे ये दर्द भी बेजुबां हो जाता है, कुछ भी नहीं कहता सब बयां हो जाता है ।। तुमसे बिछड़ना भी किसी ज़ख्म से कम नहीं, और एक एक ज़ख्म जुड़ कर कारवां हो जाता है । सुबह उठता हूँ तो तुम्हारी तमन्ना

Learn Poem – दिल से दिल के पास आना – Ghazal Poem In Hindi

Learn Poem – Ghazal Poem In Hindi Learn Poem दिल से दिल के पास आना सीखिये, बुझ गई लौ तो जलाना सीखिये।। मुतमइन हो के सफ़र मत काटना, पत्थरों को ही जगाना सीखिये।। सब समझते होते तो जाते क्यों, नासमझ हो के नजाना सीखिये ।। मुुफ़लिसी से उठ के जाना है कहीं तो दिलों की

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