Tag: Gratitude Poetry

Gratitude Poem – नमन उन चिनगारियों को – Poem in Hindi Language

Gratitude Poem – Poem in Hindi Language Gratitude Poem ज़िल्लतों का बोझ सिर पर उठाये स्वाभिमान था संघर्षरत उनका अदम्य साहस, खतरे में भी रहा अडिग, अनवरत नारियाँ उस खौफ़ से निरन्तर टक्कर लेती रहीं जिसके समक्ष सत्ता भी साष्टांग दंडवत करती रही अध्यात्म की अराजकता, व्यभिचार की नालियों में, निरन्तर बहती रही सन्नाटे थे

Gratitude Poem – शुक्रगुजार – Poem in Hindi Language

Gratitude Poem – Father Poem in Hindi Gratitude Poem देने को कहाँ कुछ अब! श्रधांजली के सिबा, लेने को आज भी बहुत कुछ, जो जीवनपर्यंत वे देते रहे, और आज भी एक आदर्श बन, जीवन की राह दिखा रहे, बन खुद फ़कीर, कैसे बदले मेरी लकीर, इसी फ़िक्र में धूनी रमाते, हर एक काँटों को चूनते,

APJ Abdul Kalam Poem – पूरा देश रो रहा है – Gratitude Poem

APJ Abdul Kalam Poem – Gratitude Poem APJ Abdul Kalam Poem पूरा देश रो रहा है, अब्दुल कलाम के लिए, बात कलाम की नहीं, देश के साथ इमां की है । जात से कोई फर्क नहीँ पड़ता, हम उन्हें दिल से करते हैं सलाम, जो कर गये देश के नाम जिंदगी, वे सच्चे देशभक्त थे

Teachers Day Poem – Gratitude to Teachers Poem

Teachers Day Poem – English Poetry Teachers Day Poem Centuries have passed, Technology has developed, Peoples fantastic innovation, Has had the world enveloped. Famous inventors, Their innovative brains, Are polished and nourished, By the teachers they attain. God couldn’t be everywhere, So he made mothers, Knowledge wasn’t imparted everywhere, So he sent teachers. Teachers are

Poem Dr. APJ Abdul Kalam in Hindi – डा. कलाम – Gratitude

Poem Dr. APJ Abdul Kalam in Hindi Poem Dr. APJ Abdul Kalam Gratitude Poem – भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को अपनी कविता के द्वारा श्रध्दांजलि सादर समर्पित। धन्य हुए मात-पिता व् गुरु भी, स्वर्ण अक्षरों में लिख गया नाम। देश को किया समर्पित जीवन, थे ऐसे भारत रत्न डा.

Gratitude Poem – वाह! क्या एहसास ह्रदय में लिए – Poem Gratitude

Gratitude Poem – कवि डॉ हरिओम पवार जी के लिए ह्रदय की गहराइयों से मेरी लिखी यह रचना सादर समर्पित। Gratitude Poem वाह! क्या एहसास ह्रदय में लिए, अमृत समान शब्द पुष्प दिए। कविवर तुमको मैं प्रणाम करूं, कविताओं से भाव -विभोर किए। मन में उत्साही जगाया ऐसा, जिए अपन लिए वो जीवन कैसा। धन

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