Tag: Life Poems

Today Poem – आज भी है – Poem on Hope in Hindi

Today Poem – Poem on Hope in Hindi Today Poem कभी तो फिर से बीस को पहुँचूँगा, तेरी हंसी की खनक आज भी है, कभी तो फिर से दिल को जियूँगा, तेरी धड़कनो की स्वाद आज भी है. ए वक़्त तुझे घमंड किस बात पे है, मुझे उसका इंतजार तो आज भी है, मेरी झुर्रियों

Moments Poem – बीती लम्हों पर अब ऐतबार – Ghazal Poem

Moments Poem – Ghazal Poem Moments Poem कितनी हसरते बहाना ढूढती है, नींद टूट जाये फिर भी ख्वाब बुनती है. कितने अरमानों के महल बनते बिगड़ ते है, फिर भी उम्मीदों के सितारे जलते है. कोई कैसे सुबह को इलज़ाम दे पाए, रात के जले ख्वाब तो येही खिलते है. बीती लम्हों पर अब ऐतबार

Zindagi Poem – कुछ तो हँसके कह गयी – Ghazal Poem About Love

Zindagi Poem – Ghazal Poem About Love Zindagi Poem कुछ तो हँसके कह गयी, कुछ तो हसाके, ये जिन्दगी तू जिन्दादिली की बात कर गयी, कुछ अश्क बहाके तेरे किस्से पुराने नए लगते है, तेरे वादे हमेशा सच्चे लगते है, तेरे धुन में अब तक नाच रहा हूँ, तू एक जिन्दगी हजारों कम है…!! कौन

Shisha Poem – शीशे की शहर, शीशा दिल – Ghazal Poem Love

Shisha Poem – Ghazal Poem Love Shisha Poem शीशे की शहर, शीशा दिल है, पत्थर से डरे लोग रहते है, ये गुस्ताख दिल पर न माने, फिर से मुहब्बत कर जाये….. शीशे की शहर, शीशा दिल है…….. नफरत के शहर, जहर उगले है, जहर से चुभे मंजर रहता है, नादाँ ये दिल है क्या जाने,

Old Is Gold Poem – चाँद के दाग पुराने अच्छे – Ghazal Poem

Old Is Gold Poem – Ghazal Poem Old Is Gold Poem चाँद के दाग पुराने अच्छे, दिल तू भी बेदाग़ नही है…. खामोश अब ये रात ही अच्छे, दिल तू क्यों खामोश नही है…… चाँद के दाग पुराने अच्छे…. ये बादल तू क्यों ठहरा है, कौन है जिसका राह तके है, क्यों तेरा फासले बड़े

Boat Poem – एक अलबेला नाव मझधार मे – Ghazal Poem

Boat Poem – Ghazal Poem Boat Poem एक अलबेला नाव मझधार में, देख किनारा चुपके रोये….. बहाव की रुख न समझा था, अब दूर किनारा चुपके रोये….. एक अलबेला नाव मझधार में, कितने शावन गुजरे गिला मन, कितने अरमां दम तोड़े है, अब पतझड़ जीवन, सूखे दिल है, देख पपीहा चुपके रोये……. एक अलबेला नाव

Laal Rang Poem – किसके दामन लाल रंग सना – Poem on Behavior

Laal Rang Poem – Poem on Behavior Laal Rang Poem किस किसके दामन लाल रंग सना है, धो लेना नदी में गर पुण्य कमा है, कोई पूछेगा तो कह देना, ये रंग ही है बर चड़ बोला है। हाथ उठाके खुदको दिखाना, वहा रंग नही आइना दिखेगा, तुमसे कुछ सवाल भी पूछेगा, उन सवालो पे

Voice Poem – दूर कही कोई आहट निकले – Memories Poem

Voice Poem – Memories Poem Voice Poem दूर कही कोई आहट निकले, लगता मुझे जानी पहचानी। दस्तक देके पुरवाई जो निकले, लगता मुझे वोही बात पुरानी। बारिश की वो भीनी सी खुसबू, बादल शराबी झूमती गाती। एक छतरी में दो दिल धड़कती, याद आती वो गुजरी कहानी। आज भी जब जब शाम ढलती है, चाँद

Fairies Poem – परीओं का मेला – Poem on Joy

Fairies Poem – Poem on Joy Fairies Poem माँ ने कही थी ये जहाँ परीओं  का मेला, ये दुनिया खुबसूरत ख़ुदा  ने है खेला, माँ ने कही थी सब में ख़ुदा रहता है, तुम भी हो ख़ुदा के प्यारे बन्दे, माँ ने कही थी ये जहाँ परीओं  का मेला। माँ आज मैंने दुनिया को देखा,

Poem on Ambition in Life – छोटे छोटे अरमां Poem on Ambition

Poem on Ambition in Life – Poem on Ambition Poem on Ambition in Life छोटे छोटे अरमां है मेरे, कही तो है आसमां  भी मेरे, मैं क्या अलग हूँ तुमसा नही, मैं क्या पत्थर हूँ इंसान नही, मुझे भी तुम जीने का हक दो, गर आसमां नही तो जमीं का हक दो. क्यों ये अँधेरा

Running Poem – बहुत दिनों से चल रहा हूँ – Ghazal Poem

Running Poem – Ghazal Poem Running Poem बहुत दिनों से चल रहा हूँ, मंजील की कसम। शहर शहर घूम रहा हूँ, आशियाँ की कसम। बहुत दिनों से चल रहा हूँ, मंजील की कसम। काफिले बहुत मिले खुदा के ओर, मिला नही खुदा कही भी, मेरे अरमां की कसम। बहुत दिनों से चल रहा हूँ, मंजील

Changing Poem – बादलो को चेहरे बदलते देखे – Poem on Beauty

Changing Poem – Poem on Beauty Changing Poem बादलो  को चेहरे बदलते देखे है, तूफानों को रुख बदलते देखे है, बहुत देखे पर कम देखे जब, लोगों को यहाँ हैवान बनते देखे है…!! कोई ना जाने किस्मत क्या है, कोई ना जाने अजमत  क्या है, फिर भी देख भाग दौर ली है, कोई मर जाये

Poem on Hope and Faith – मेरा क्या यहाँ तेरा – Poem on Hope

Poem on Hope and Faith – Poem on Hope Poem on Hope and Faith मेरा क्या यहाँ तेरा क्या है, अब आईने भी खामोश रहते है। दो कल हमने साथ देखे थे, आज वो कल कही और रहते  है। दो दो करके हम ख्वाब थे बनाये, अब मलवे है हम दो रहते है। वो कल

Lamhe Poetry – कुछ लम्हों का ये बादल – Poem on Hope in Hindi

Lamhe Poetry – Poem on Hope in Hindi Lamhe Poetry कुछ लम्हों का ये बादल है, आते जाते रहते है। इन बादोलों से क्या घबराना, एक सावन तक रहते है। तन भीगे तो भीगने दो, आँखों में बारिश ना पलने देना। एक सूरज तो तेरा भी है, दिल में बादल ना बसने देना। छोटी छोटी

Poem on Life in Hindi – कितने समुन्दर देखा – Memories Poem

Poem on Life in Hindi – Memories Poem Poem on Life in Hindi क्या कहे कितने समुन्दर देखा, सुखा अबतक ज़माने में। एक मेरा दामन नही सुखा, भीगा है पैमानों में। शहर शहर बसते देखा, गलियाँ रस्ते बनते देखा। ना देखा तो बस एक अपना घर, लोगों के नज़रों में उजड़ते देखा। सफ़ेद बालो ने

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