Tag: Life Poetry

Cloud Poem – कभी धुप में बादल देखना – Poem on Beauty

Cloud Poem – Poem on Beauty Cloud Poem कभी धुप में बादल देखना कोई सुनहरी गिलहरी सी चहकती मटकती है। कभी बादल के चेहरे देखना अलग अलग मुखोटे पहन के बहलाती रहती है। कभी पहली बरसात के बाद मिटटी सूंघी सोंधी सी महक पत्तों में किलकारियां भड़ती है। खेतो में सरसों के साक में माँ

Kismat Poetry – जले क़िस्मत में सितारे के राख – Ghazal Poem

Kismat Poetry – Ghazal Poem Kismat Poetry जले क़िस्मत में सितारे के राख ही मिलते है और तुम बदलाव पे आँख रखते हो! बदलना होता तो ये आग ना होता यूँ और तुम वक़्त के बारिश कि बात करते हो! सदियां जला हूँ और तपने को सोना कहता हूँ क्या जानता था वक़्त परने पर

Special Person Poem Inspirational – कोई कतरा कतरा जी रहा है

Special Person Poem Inspirational – Life Poem in Hindi Special Person Poem Inspirational कोई कतरा कतरा जी रहा है कोई लम्हा लम्हा मर रहा है कोई हाथ पकड़े उम्मीद ना रखना अब आसमां भी जमीं से अलग हो रहा है। वो कौनसी नफ़स है जिसपे क़र्ज़ ना हो वो कौनसी धड़कन है जिसपे बोझ ना

Leaf Poem – कुछ पत्ते हल्के अपने – Life Struggle Poem in Hindi

Leaf Poem – Life Struggle Poem in Hindi Leaf Poem कुछ पत्ते हल्के अपने सांख से अलग कफ़न सी चादर पैरो तक फ़ैल चुकी है। कुछ आसमां बिखरके अपने झुंड से किसी जमीं कि छत बन चुकी है…। बहुत सी अरमां पंछियों के तिनके का बसेरा पतझर में अब खो चूका है। शाम भी आजकल

Yeh Zindagi Poetry – ये जिंदगी और – Poem About Life Journey

Yeh Zindagi Poetry – Poem About Life Journey Yeh Zindagi Poetry ये जिंदगी और क्या नीली पिली धुप है कुछ सिली सिली मस्तिया कुछ नीली नीली शोख़िया ये जिंदगी और क्या? ये बादल कि मटर गश्तियां ये धीमी धीमी आग है कोई जलते बुझते इश्कियां कुछ काले सफ़ेद गुड़िया ये जिंदगी और क्या? कभी सीधी

Wandering Poem – ये जिंदगी तु हैरां क्यों है – Life Poetry

Wandering Poem – Life Poetry Wandering Poem ये जिंदगी तु हैरां क्यों है मतलबी दिल मौकापरस्त फिर भी तु परेशां क्यों है। धड़कनो कि दिल्लगी है एतबार ना करना जले पे जलाना फ़ितरत है इख़्तियार ना करना। दिल तो फ़ाज़िल है कब किसीके साथ दिया जब भी धड़का है बेसबब तुझको हि बदनाम किया। दिल

Emotions Poem – कौन समझा इस जहाँ में – Poem on Writing

Emotions Poem – Poem on Writing Emotions Poem कौन समझा इस जहाँ में लेखनी के दर्द को चाहे समझाने में ही कितने ज़माने लग गए आज दिनकर और दुष्यन्तो की बातें किस में हैं हैं अगर दो चार तो वो भी ठिकाने लग गए लोग बहरे हो गए हैं चीख कोई ना सुने फ़िर भी

Hindi Kavi Kavita – जब समाधान बन जाए – Poem on Writing

Hindi Kavi Kavita – Poem on Writing Hindi Kavi Kavita जब समाधान बन जाए व्यवधान और संविधान भी जिहादी जाल को पैदा करे सत्ता का सिपहसलार भूल के स्वराज काज फाड़ मुँह नित नए बवाल को पैदा करे चाहत है तब क्रांति का उढ़ेल बीज मेरी  लेखनी युवाओं में सवाल को पैदा करे एक नहीँ

Law Poem – आज के इस दौर में – Poem on Change in Life

Law Poem – Poem on Change in Life Law Poem आज के इस दौर में कानून की बात, हमसे न करो बाबू, आज कल चोर पुलिस की और, पुलिस चोरों की सी बातें करते हैं। आज नेता वही है, जो बड़ बोला है, शांत और अच्छे नेताओं की, तो नसलें ही बिलुप्त होती नज़र आ

Experience Poem – जीवन के हर पथ पर चलके – Life Poem

Experience Poem  – Life Poem Experience Poem जीवन के हर पथ पर चलके, अपने और पराये में न भेद करके । सबको गले लगाया है । तब जा के जीवन को सुखमय बना पाया है । ठोकर लगी हज़ारों मुझको, गिरा-सम्भला कई बार मगर! जब अपनों ने ठोकर दी तो दुख हुआ मुझे बेसुमार मगर!

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