Tag: Memories Poetry

Yaadein Poem – क्या दिल तुझको पता – Poem About Life Lessons

Yaadein Poem – Poem About Life Lessons Yaadein Poem क्या दिल तुझको पता है अब रात है लम्बी और ये सितारें हमराज है। कुछ यादों के बारात कुछ लम्हों की कई बात कुछ छत पर गीले चांदरात और ये तन्हाई की खैरात है। क्या दिल तुझको पता है……. क्या दिल तुझको पता है हम तन्हा

Sweet Memories Poem – Merry Christmas Poem

Sweet Memories Poem – Merry Christmas Poem Sweet Memories Poem The Christmas came  The new year will come I remember the past years When the family was meeting To celebrate the feast In happiness all together And the days and years passed It goes on without stop The young became bigger And the big gone

Memories Poem – The Life Memories Poem

Memories Poem – The Life Memories Poem Memories Poem The life memories The new comes the old goes The feast will come Christmas and new year Will bring us new memories With say goodbye to year end I look behind to the happy days When I’m still young celebrate With my family with my relatives

Diary Poem – डायरी के पृष्ठ – Memories Poem

Diary Poem – Memories Poem Diary Poem कुछ पुराने पन्ने कुछ पुरानी इबारतें कुछ पुरानी यादें  कुछ पुरानी शरारतें झाँकता है पन्नों की सतह से व्यतीत बन गया कितना कुछ चुपके से अतीत शब्दों की दास्ताँ भी कितनी अज़ीब है दूर होकर भी कोई इतना क़रीब है

Memories Tree – यादों का पौधा – Poem on Life in Hindi

Memories Tree – Poem on Life in Hindi Memories Tree तुम्हारी दी हुई चीजों को, मैंने दफ़न कर दिया था, ज़मीन के नीचे, कि जैसे दफन करते हैं एक लाश को, उस के मर जाने के बाद। मैंने सोचा कि ये चीज़े भी मर जाएंगी, जैसे हमारा रिश्ता मर गया, मगर मालूम न था, ये

Sweet Memories Poem – सुबह से रात होने को – Hindi Poem

Sweet Memories Poem – Hindi Poem Sweet Memories Poem सुबह से रात होने को आई है मगर तुम्हारी यादें है कि वापिस घर जाने का नाम नहीं लेती अभी तक मेरे सिरहाने में पड़ी हैं, ना जाने इन्हें कैसे खबर हो गई कि मैं कब से भूखा हूँ, तुम्हारी यादें मुझसे कहती हैं कि मेरे

Tea Time Poem – मैं और मेरा चाय का कप – Poem on Memory

Tea Time Poem – Poem on Memory Tea Time Poem मैं और मेरा चाय का कप देख ले थाम मेरी ऊँगली, आज फिर एक बार लौट आई हूं मैं तेरे पास, अर्सा हुआ न बैठी सुकून से, आज हूँ शांत, कोई बेचेनी नहीं, कोई शिकवा नहीं शिकायत नहीं। हां, मत देख मुझे इन सवालिया नजरो

Old Memories Poem – बेचैन कर जाती जब ये शामें – Life Poetry

Old Memories Poem – Life Poetry Old Memories Poem बेचैन कर जाती जब ये शामें हद से ज्यादा, डसने लगती है जब तन्हाई बेशुमार, तन्हा कर जाते है ये घरोंदों में लौटते पंछी, सूना आकाश, ये मौन खड़े दरख़्त, डराने लगती है इनकी खामोशिया, ये चाँद जो झांक कर, मुझ पर हँसता है, उबर आते

Tea Time Poem – चाय का कप और तुम्हारी यादें – Memories Poetry

Tea Time Poem – Memories Poetry Tea Time Poem मैं, पहला चाय का कप और तुम्हारी यादें, सब कुछ तो वैसा ही है, न जाने क्यो, आजकल ये कप कुछ रूठा_रूठा सा फिर रहा है, मुंह फुलाया सा, कुछ अनमना सा, शिकायत भरी नजरों से, नजरे चुराता हुआ सा, चाहता है, मैं जान भी लूं,

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