Tag: Memories Poetry

Blank Paper Poem – कोरे कागज़ ही तो है – Poem on Life Hindi

Blank Paper Poem – Poem on Life in Hindi Blank Paper Poem कोरे कागज़ ही तो है, लिखा बहुत कुछ, आँखों में समुन्दर, सब मिट गया। सबूत  मांगते हो, नज़र तो घुमाओ, झुर्रियां एक कहानी वयां कर देगी। एक सुबह की तलाश करते थे हम, वक़्त के फेर में शाम ढल गया, कितने अमाबस गुजरे,

Memories Poem – कैसे भूल सकते है – Poem on Life in Hindi

Memories Poem – Poem on Life in Hindi Memories Poem कैसे भूल सकते है, ये जमीं ये नाते, आखिर रेत पर पैर कहा टिकते है। कैसे भूल सकते है, इन पगदंडियो में शाम, सूरज रोज़ मिलके जाता था, कुछ आशा कुछ भोरोसा देके जाता था। कैसे भूल सकते है, जिन्दगी के थपेरों से लथपथ हुयी

Memories Poem – रहने दो पड़े उन यादों को – Memories Poem Love

Memories Poem – Memories Poem Love Memories Poem रहने दो पड़े उन यादों को यूँही जंग परते रहेंगे बुझते रहेंगे मिटते रहेंगे। ऐसे भी पुराने बर्तन वजन के भाव बिकते है खरीददार मिला तो बेचते रहेंगे। रहने दो पड़े उन यादों को यूँही जंग परते रहेंगे बुझते रहेंगे मिटते रहेंगे। कुछ नए बनाते अब कुछ

Yaadein Poem – तुझसे सिमटी हुयी कुछ यादे – Memory of Love

Yaadein Poem – Memory of Love Yaadein Poem तुझसे सिमटी हुयी कुछ यादे जान ले लेगी तुझसे लिपटी हुयी कुछ साँसे जान ले लेगी। ये जो बरसात है बस तेरे छोड़े हुए गीली लम्हे तुझसे भीगी हुयी वो लम्हे जान ले लेगी। कतरा कतरा चुना हूँ तेरे जाने के निशां बूंद बूंद भर लिया हूँ

Yaadein Poem – क्या दिल तुझको पता – Poem About Life Lessons

Yaadein Poem – Poem About Life Lessons Yaadein Poem क्या दिल तुझको पता है अब रात है लम्बी और ये सितारें हमराज है। कुछ यादों के बारात कुछ लम्हों की कई बात कुछ छत पर गीले चांदरात और ये तन्हाई की खैरात है। क्या दिल तुझको पता है……. क्या दिल तुझको पता है हम तन्हा

Diary Poem – डायरी के पृष्ठ – Memories Poem

Diary Poem – Memories Poem Diary Poem कुछ पुराने पन्ने कुछ पुरानी इबारतें कुछ पुरानी यादें  कुछ पुरानी शरारतें झाँकता है पन्नों की सतह से व्यतीत बन गया कितना कुछ चुपके से अतीत शब्दों की दास्ताँ भी कितनी अज़ीब है दूर होकर भी कोई इतना क़रीब है

Memories Tree – यादों का पौधा – Poem on Life in Hindi

Memories Tree – Poem on Life in Hindi Memories Tree तुम्हारी दी हुई चीजों को, मैंने दफ़न कर दिया था, ज़मीन के नीचे, कि जैसे दफन करते हैं एक लाश को, उस के मर जाने के बाद। मैंने सोचा कि ये चीज़े भी मर जाएंगी, जैसे हमारा रिश्ता मर गया, मगर मालूम न था, ये

Sweet Memories Poem – सुबह से रात होने को – Hindi Poem

Sweet Memories Poem – Hindi Poem Sweet Memories Poem सुबह से रात होने को आई है मगर तुम्हारी यादें है कि वापिस घर जाने का नाम नहीं लेती अभी तक मेरे सिरहाने में पड़ी हैं, ना जाने इन्हें कैसे खबर हो गई कि मैं कब से भूखा हूँ, तुम्हारी यादें मुझसे कहती हैं कि मेरे

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