Today Poem – आज भी है – Poem on Hope in Hindi

Today Poem – Poem on Hope in Hindi

Today Poem

कभी तो फिर से बीस को पहुँचूँगा,
तेरी हंसी की खनक आज भी है,
कभी तो फिर से दिल को जियूँगा,
तेरी धड़कनो की स्वाद आज भी है.

ए वक़्त तुझे घमंड किस बात पे है,
मुझे उसका इंतजार तो आज भी है,
मेरी झुर्रियों की नक़ल उतारती है आईने,
उसके सजने सवरने की आदत आज भी है.

फिक्र ना कर बादल जरा जम के बरस,
हमें साथ साथ भीगने की लत आज भी है,
क्यों शर्माती है उम्र ये चेहरे पे शिकन क्यों,
तेरी एक झलक पे मरने की तमन्ना आज भी है.

जो बात ना कह सका दुनिया साल दर साल,
उस बात पे रूठने की बजह आज भी है,
कभी तो फिर से बीस को पहुँचूँगा,
तेरी हंसी की खनक आज भी है.

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