Voice Poem – दूर कही कोई आहट निकले – Memories Poem

Voice Poem – Memories Poem

Voice Poem

दूर कही कोई आहट निकले,
लगता मुझे जानी पहचानी।

दस्तक देके पुरवाई जो निकले,
लगता मुझे वोही बात पुरानी।

बारिश की वो भीनी सी खुसबू,
बादल शराबी झूमती गाती।

एक छतरी में दो दिल धड़कती,
याद आती वो गुजरी कहानी।

आज भी जब जब शाम ढलती है,
चाँद पुराना नया लगता है।

चांदनी जब मुझे छुके जाती,
आज भी आँख में छलकता पानी।

दूर कही कोई आहट निकले,
लगता मुझे जानी पहचानी।

Read more:

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Pin It on Pinterest