Zindagi Poem – कुछ तो हँसके कह गयी – Ghazal Poem About Love

Zindagi Poem – Ghazal Poem About Love

Zindagi Poem

कुछ तो हँसके कह गयी,
कुछ तो हसाके,
ये जिन्दगी तू जिन्दादिली की बात कर गयी,
कुछ अश्क बहाके

तेरे किस्से पुराने नए लगते है,
तेरे वादे हमेशा सच्चे लगते है,
तेरे धुन में अब तक नाच रहा हूँ,
तू एक जिन्दगी हजारों कम है…!!

कौन से मौत किस बात का गुरुर,
किसमे है ये जिन्दगी,
ये नशा ये सुरूर,
बस यूँही लोग बदनाम करते है,
तू मिली जिन्दगी ये क्या कम है…!!

कुछ तो हँसके कह गयी,
कुछ तो हसाके,
ये जिन्दगी तू जिन्दादिली की बात कर गयी,
कुछ अश्क बहाके

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