Poem Myself – मै कौन हूँ – Who Am I Poem

Poem Myself – मै कौन हूँ – Who Am I Poem Poem Myself – Hindi Poem on Life मै कौन हूँ, एहसास या इन्तजार , विश्वास या तिरस्कार, एक भूल या पश्चाताप! शहर हूँ या शाम , दिवा हूँ या निशा , प्रकाश हूँ या तिमिर, स्वप्न हूँ या हकीकत! मै खुद एक प्रश्न हूँ, दिये

Heart Poems – दिल में ज़ख़्म है – Ghazal Poem in Hindi

Heart Poems – Ghazal Poem in Hindi Heart Poems दिल में ज़ख़्म है भी तो दिखा कर क्या फ़ायदा, जो हमें समझते ही नहीं उन्हें जता कर क्या फायदा। उनकी नज़रों ने हमारा कत्ल-ए-आम कर दिया, अब ये तिरछी निगाहें हटा कर क्या फायदा। आख़िर में दिल का यही हश्र होना था अगर, सारी दुनिया

Marriage Poem – सुना है आज से वो – Ghazal Poem About Love

Marriage Poem – Ghazal Poem About Love Marriage Poem सुना है आज से वो मुस्कुराने जा रही है, नई खुशियां नए ख्वाब सजाने जा रही है।। सुनो ऐ फूल तुम भी काम पर लग जाओ अब, सुना है वो नई दुनिया बसाने जा रही है।। दिल मेरा खुश है वो फिर से हँसेगी रात भर,

Tired Poem – थक गया हूँ दौड़ते भागते – Poem on Myself

Tired Poem – Poem on Myself Tired Poem थक गया हूँ दौड़ते भागते अब जरा आहिस्ता हो जाऊं, अलग-अलग रंगों से भरा हुआ गुलदस्ता हो जाऊं।। नन्हे मुन्ने फुदकते बच्चों के इल्म की खातिर, अच्छी अच्छी किताबों से भरा मैं बस्ता हो जाऊ।। मेरे हाथों की लकीरें रहें मेरे ही हाथों में, काश कि मैं

Thoughtful Poems – क्यों किसी मासूम के साथ – Hindi Poem

Thoughtful Poems – Hindi Poem Thoughtful Poems क्यों किसी मासूम के साथ इस कदर खेला जा रहा है, इंसानियत तो पीछे रह गई और आदमी अकेला है। सच के रास्तों पर इक्का दुक्का ही कोई मिलता है, झूठी बुलंदी पर देखो, पूरा का पूरा मेला जा रहा है। हमने तो बस आवाज़ उठाई थी दरिंदो

Heartbreak Poems – जाओ जा कर कह दो – Ghazal Poem

Heartbreak Poems – Ghazal Poem Heartbreak Poems जाओ जा कर कह दो उन दरिन्दों से, अब हवाएं भी डरने लगी हैं परिंदों से।। ऐ रात अब तेरी हुकूमत नहीं रही, सहर के आगे कुछ न होगा तेरे बाशिंदों से।। तुम मेरे हालात को इतना हल्के में न लो, कितना रोया हूँ रात पूछो मेरे रिन्दों

Love Ghazal Poems – हमें कुछ दर्द है सीने – Ghazal Poem Hindi

Love Ghazal Poems – Ghazal Poem Hindi Love Ghazal Poems हमें कुछ दर्द है सीने में, जलन सी हो रही है, तुम्हें भी हार जाने से चुभन सी हो रही है।। नजाने कब से मेरे ख़्वाब बिस्तर पर नहीं लेते, तभी सोचूं इन्हें क्यों अब थकन सी हो रही है।। मेरी आँखों का ये सिलसिला

Love Ghazal Poems – इतनी मुहब्बत से न देख – Ghazal Poem

Love Ghazal Poems – Ghazal Poem About Love Love Ghazal Poems इतनी मुहब्बत से न देख, मैं तेरा शिकार हो जाऊंगा, तुझे जंग ही जीतनी है तो तेरा हथियार हो जाऊंगा।। उसने मुझे दिल के किसी कोने में रख छोड़ा है, कुछ और बरस यहीं रहा तो मैं बेकार हो जाऊंगा।। अपने हुस्न के जलवे

Hindi Kavitayen – मैं जब भी तुमसे बातें – Poem on Love in Hindi

Hindi Kavitayen – Poem on Love in Hindi Hindi Kavitayen मैं जब भी तुमसे बातें कर लेता हूँ, तो सोचता हूँ कि कहीं कुछ अधूरा रह गया शायद। कुछ बातें थीं जो पूछनी थीं मगर ये ज़ुबाँ न खुल सके, कुछ बातें थीं जो बतानी थीं मगर ये आँखें बयां न कर सकीं। ख़ैर अब

Diwali Kavita – आज जगत भर के आँगन – Festival Poem

Diwali Kavita – Poem on Deepawali in Hindi Diwali Kavita आज जगत भर के आँगन में कुछ ऐसे दीप जलाएंगे, बस्ती बस्ती झूम उठेगी, बच्चे भी खुश हो जाएंगे।। आँगन आँगन फूल खिलेंगे, घर घर में उजियाला होगा, अब की बार पटाखों पर नहीं ग़मों पर आग लगाएंगे।। दीप जलाते वक्त ही मन को भी

Ghazal Poem – ग़म-ज़दा हो जाएंगे – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem – Ghazal Poem in Hindi Ghazal Poem ग़म-ज़दा हो जाएंगे, हम बेवफ़ा हो जाएंगे, पत्थरों की भीड़ में हम रास्ता हो जाएंगे ।। जब भी दर्द उठे सीने में, हमको बुला लेना, तेरे पराए हैं लेकिन तब भी हम दवा हो जाएंगे।। सिलवट सी पड़ जाएगी जब तेरे मेरे किस्सों में, कागज़ पर

Love Hindi Kavita – हम को शायद मुहब्बत – Love Poetry

Love Hindi Kavita – Love Poetry in Hindi Love Hindi Kavita हम को शायद मुहब्बत निभानी नहीं आई, इसलिए रफ्तार-ए-इश्क़ में रवानी नहीं आई ।। जब सरे महफ़िल ने कुछ सुनाने को कहा हमसे, इस कमबख्त ज़ुबाँ पे अपनी ही कहानी नहीं आई ।। वो तो वाकिफ़ थे हमसे, हमारे इश्क़ से इतना, हम ने

Ghazal Poems – तुम जो आए तो आसमां – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poems – Ghazal Poem in Hindi Ghazal Poems तुम जो आए तो आसमां भी ज़मीं हो गई, चाँद के मुखड़े पे सितारों की कमीं हो गई। ख़ुश्क मौसम की हालत तो देखो ऐ ग़ज़ल, सूखे पत्तों के जिगर में भी नमीं हो गई। पाँव मेरे ज़मीं पे अब टिकते नहीं शायद , आसमानों में

Passing Time Poem – समय एक उड़ता हुआ परिंदा है – Hindi Kavita

Passing Time Poem – Hindi Kavita Passing Time Poem समय एक उड़ता हुआ परिंदा है जो ऊंचा उड़ता चला जाता है और भी ऊँचा।। पंछी का तो अपना एक घर होता है एक परिवार होता है इसीलिए पंछी लौट आता है अपने क्षितिज को छू कर मगर समय का कोई नहीं होता शायद न घर,

Helpless Poems – मैं इतना बेबस हूँ – Feeling Helpless in Life

Helpless Poems – Feeling Helpless in Life Helpless Poems मैं इतना बेबस हूँ कि खुल के रो भी नहीं सकता, बस तेरी मासूम सी मुस्कुराहट ने मेरे ग़म को रोक रखा है बाहर निकलने से।। कितनी ही कहानियां हैं कितने ही किस्से हैं मेरे इस नाचीज़ बदन के नजाने कितने हिस्से हैं, तुझे मालूम नहीं

Triangle Love – तीन तरफ़ा मुहब्बत – Love Poetry in Hindi

Triangle Love – Love Poetry in Hindi Triangle Love हमने भी मुहब्बत की है एक तरफ़ा नहीं दो तरफ़ा नहीं बल्कि तीन तरफ़ा की है। हम भी उन्हें बहूत चाहते थे वो भी हमें बहूत चाहती थीं और हमारा खुदा हमारी चाहत को बहूत चाहता था। लेकिन कुछ भूल हमने की कुछ भूल उनसे भी

Poem Song Lyrics – आज भी मेरे जीवन मे – Song Poetry

Poem Song Lyrics – Poem in Hindi Language Poem Song Lyrics आज भी मेरे जीवन मे एक ही सिर्फ तेरी कमी है आँखे गीली हैं सांसे ढीली हैं रात भी दर्द से थोड़ी नीली है तेरे यादों की झोली कैसी बर्फ सी जमी है आज भी मेरे जीवन मे एक ही सिर्फ तेरी कमी है

Love Pain Poem – धीरे धीरे ये दर्द भी बेजुबां हो – Ghazal Poem

Love Pain Poem – Ghazal Poem in Hindi Love Pain Poem धीरे धीरे ये दर्द भी बेजुबां हो जाता है, कुछ भी नहीं कहता सब बयां हो जाता है ।। तुमसे बिछड़ना भी किसी ज़ख्म से कम नहीं, और एक एक ज़ख्म जुड़ कर कारवां हो जाता है । सुबह उठता हूँ तो तुम्हारी तमन्ना

Learn Poem – दिल से दिल के पास आना – Ghazal Poem In Hindi

Learn Poem – Ghazal Poem In Hindi Learn Poem दिल से दिल के पास आना सीखिये, बुझ गई लौ तो जलाना सीखिये।। मुतमइन हो के सफ़र मत काटना, पत्थरों को ही जगाना सीखिये।। सब समझते होते तो जाते क्यों, नासमझ हो के नजाना सीखिये ।। मुुफ़लिसी से उठ के जाना है कहीं तो दिलों की

Memories Poem Love – वो आज भी मौजूद हैं – Memories Poem

Memories Poem Love – Memories Poem Memories Poem Love वो आज भी मौजूद हैं, मेरे दिल के उन्हीं दरवाज़ों पर जहां से सुबह की पहली किरण आती थी। वो आज भी शामिल हैं हवाओं के उन हिस्सों में जिन्हें मैं ज़िंदगी जीने के लिए अपने अंतर में समा लेता हूँ। वो आज भी यहीं तो