Poem Diwali – दीवाली – Poem on Deepawali in Hindi

Poem Diwali – Poem on Deepawali in Hindi Poem Diwali मुबारक हो सभी जन को, यह ज्योति पर्व दीवाली, पधारे हैं गणेश लक्ष्मी, मने घर-घर में दिवाली, दुःख-दर्द दूर हों सबका, मुरादें हों सभी पूरी, दीया ऐसे जलाएं हम, मने फिर रोज दीवाली.

Vegetable Poem – सब्जी की है बात निराली – Hindi Funny Poem

Vegetable Poem – Hindi Funny Poem Vegetable Poem सब्जी की है बात निराली, सजती नहीं इसके बिन थाली, तेल- मसाले से सँवरे जब, फिर बन जाती है घरवाली, सब्जी की है बात निराली। इसे कहे कोई तरकारी, तीमन नाम भी इसकी प्यारी, रंग, रूप और स्वाद अनेकों, करती दूर कई बीमारी, सब्जी की है बात

Funny Poem in Hindi – राम अभी वनवास पर रहना – Hindi Poem

Funny Poem in Hindi – Joy Poem Funny Poem राम अभी वनवास पर रहना, भाई भरत अभी डटे हुए हैं, तेरे नाम से राज हैं करते, अच्छे दिन आनेवाले हैं। थोड़े दिन जरा और ठहरना, मन की बात अधूरी है अभी, देश शेष रह गए हैं कुछ हीं, हुई सैर अभी नहीं पूरी। भव्य महल

Hindi Kavita – किसी के इश्क़ में – Poem on Love in Hindi Language

Hindi Kavita – Love Poem Hindi Kavita किसी के इश्क़ में मरने से जीना और मुश्किल है, किसी के याद में खोने से बचना और मुश्किल है, दीये की लौ हीं काफ़ी है इक परवाने के खातिर, लिपट कर खाक होने से तड़पना और मुश्किल है। दीवाने लाख हैं जिसके भला वे क्यों न इठलाए,

Zindagi Poem – मैं यायावर – Hindi Poem on Life is Beautiful

Zindagi Poem – Hindi Poem on Life is Beautiful Zindagi Poem चाहता हूँ मैं भी अपने रूढ़िवादी कवच को तोड़ थाम लूँ हाथ अपने प्रगतिशील मित्रोँ का उद्घोष करूँ नारीमुक्ति का। औरत जब किसी और की होती है मुक्त नारी खूब जँचती है पश्चिमी परिधान बिना सिंदूर की मांग सूनी कलाई अलहड़ अंगराई उम्र पचपन

Childhood Poems – बच्चे हैं बच्चे – Childhood Poems in Hindi

Childhood Poems – Poem on Childhood Childhood Poems बच्चे हैं बच्चे रहने दो, बचपन के कुछ पल जीने दो, लादो न बोझों से ऐसे, बन पंछी उसे चहकने दो, बच्चे हैं बच्चे रहने दो। अपने सपनों से मत जोड़ो, अरमान को उनके मत तोड़ो, खिल जाने दो फूलों की तरह, कुछ अपने महक महकने दो,

Life Struggle Poem in Hindi – मुक्ति मिली न मन्त्र से – Life Poem

Life Struggle Poem in Hindi – Life Poem Life Struggle Poem मुक्ति मिली न मन्त्र से मिटा न क्लेश यन्त्र से हल ढूंढते हीं रह गए सुलझे न कोई तन्त्र से। बाजी वही तो जीते है चालाकी व षडयंत्र से हाकिम अभी भी वे हीं हैं क्या लेना राजतन्त्र से घुसपैठ करते हर जगह बेफिक्र

Helpless Poems – लौट न जाना वहीं से – Feeling Helpless In Life

Helpless Poems – Feeling Helpless In Life Helpless Poems लोग कितने पास आए आम आए, खास आए चल दिए कुछ दूरियों से फ़ासला न पाट पाए आए हो तुम पास अब, तब आस नव फिर से जगी है लौट न जाना वहीं से आगे तुम कुछ और बढ़ना। कुछ अदा पे फ़िदा होकर कुछ नयन

Helpless Poems – Hindi Poetry – Feeling Helpless In Life

Helpless Poems – Feeling Helpless In Life Helpless Poems लम्बी लगती रात, दिन है कम पड़ जाता कामों में जब लीन, पहर छोटा पड़ जाता आते कई विचार, रहे फुर्सत में जब भी हो जाते लाचार, उदर आड़े पड़ जाता।