Author: Amresh Kumar Labh

Sad Poem – वेदना – Poem on Pain in Hindi

Sad Poem – Poem on Suffering And Pain Sad Poem जीवन, वेदना की एक लम्बी कड़ी, नित्य जुडती एक नई लड़ी, ठीक से होश संभाला भी नहीं, तुतली आवाज अभी, सुधर पायी भी नहीं, कदम अभी भी, लड़खड़ा हीं रहे थे, माँ-बाप के सपने सजने लगे, अच्छी तालीम देने की, सुनहले भविष्य संजोने की, औकात आड़े

Sleep Poem – नींद – Poem on Sleeping Beauty

Sleep Poem – Poem on Sleeping Beauty Sleep Poem नींद बड़ी अनमोल है, सबको इसकी चाह, रात ढले न आई तो, मुश्किल रात गुजार। माँ जब लोरी गाय के, नींद की करे पुकार, सो जावत बच्चें फिर तो, सुध बुध सब बिसराय। मेहनतकश इंसान को, पल में आए नींद, बिस्तर पर ज्योंही लेटे, होते नींद

Wake Up Poem – नींद से जागो – Poem on Future

Wake Up Poem – Vision Poem for The Future Wake Up Poem तोड़ अपना नींद अब तुम, दुर्दशा भारत की देख, शांति कैसे हो रही गुम, जा रहा कहाँ अपना देश। देख कैसे घूम रहें हैं, भेड़िये सरेआम यूँ, नींद से जागे नहीं तो, राह चलना है कठिन। तोड़ अपना नींद अब तुम, एक कदम आगे तो

Festival Poem in Hindi – Poem on Deepawali in Hindi

Festival Poem in Hindi – Poem on Deepawali in Hindi Festival Poem जला डाला उसको! हाँ, उसीको, जिसकी बहन सुर्पनखा, लक्ष्मण को रिझा न सकी, नाक कटवाकर लौटी थी, ललकारी थी भाई के मर्दानगी को, और फिर …………… और फिर, नारी का अपमान का बदला, नारी को अपमानित कर लेने, पहुँच गया था जो सीता के

Betrayal Love Poem – Short Poem on Love in Hindi

Betrayal Love Poem – Short Poem on Love in Hindi Betrayal Love Poem चाहे वेबफा समझो, चाहे विश्वासघाती, कैसे रहता साथ, कुर्सी थी डगमगाती, कल था हाथ इसीलिए पकड़ा, आज इसी ही खातिर, कल था हाथ इसीलिए छोड़ा, आज इसी ही खातिर.

Hindi Kavita – नजरें मिलाकर चुरा ले गए दिल – Short Poem on Love

Hindi Kavita – Short Poem on Love in Hindi Hindi Kavita नजरें मिलाकर चुरा ले गए दिल, छुपे फ़िर रहे कैद होने के डर से। कब तक बचोगे ऐ जान-ए-तमन्ना, आँखे बंद करते हीं आओगे दौड़े। हसरतें पूरी होती है बस स्वप्न में हीं, आँखे न खोलेंगे जो अबकी मिलोगे।

Surprise Poem – हतप्रभ हूँ! – Hindi Poem on Life

Surprise Poem – Hindi Poem on Life Surprise Poem (मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानों तथा बिहार के छात्रों के माँग के सन्दर्भ में) हतप्रभ हूँ! उनके बदलते हुये नजरियों को देखकर, कल तक मेरे हित की बात करते थे, सत्तासीन क्या हुये? रंग उनकी बदल गई, मेरी आवाज को, सदैव की तरह, फिर दबाने की

Indian Poetry – प्रधान सेवक – Poem on Politics in Hindi

Indian Poetry – Poem on Politics in Hindi Indian Poetry पिला-पिला कर चाय, दिखाकर अच्छे दिन का सपना, बन बैठे प्रधान सेवक, हाथ मलो अब अपना| स्वामी पड़े घोड़ चिंतन में, सेवक की करने पूर्ति, लाख टके की शूट-बूट, लेने को केवल फ़िरकी| थमा के झाड़ू स्वामी जी को, स्वच्छ करने को देश, भ्रमण पर निकले

Shining India – साइनिंग इंडिया – Indian Poetry

Shining India – Indian Poetry Shining India साइनिंग इंडिया देख लिया! अब कब आयेंगे अच्छे दिन? देना तो था छह माह हीं, साल बीत गये पूरे तीन! कालाधन नहीं आया वापस, मंहगाई का क्या कहना? दीन – दुखी तो व्याकुल हैं हीं, रोजगार! दुर्लभ सपना! सिर चढ़ बोल रहे आतंकी, उनपर लगा न कोई अंकुश, कहां

Maa Poem – जब से दुनियाँ छोड़ गयी माँ – Sad Poem in Hindi

Maa Poem in Hindi – Sad Poem in Hindi Maa Poem जब से दुनियाँ छोड़ गयी माँ, व्यर्थ बना अब जीवन है, किसको व्यथा सुनाऊँ अपनी, हर रिस्ता अब फीकी है| सूध नहीं कोई लेनेवाला, इस अनाथ का अब जग में, ममता का सागर जब सूखा, हरियाली कहाँ, फिर चित्तवन में! रहा नहीं अब कोई

Politician Poem – ऐसे न तांडव नाच कर – Poem on Life in Hindi

Politician Poem – Poem on Life in Hindi Politician Poem मंदिर-मस्जिद की बात कर, हिंदू-मुस्लिम में बाँट कर, सत्ता के सियासत के धाकर, ऐसे न तांडव नाच कर| सर्वधर्म सम्भाव पर, अमन-चैन, सौहार्द पर, सपनों के झूठे सौदागर, ऐसे न तुम आघात कर, लुट जायेगी सारी दौलत, मिट जायेगी सारी शोहरत, फैला न ऐसी तू

Advice Poem About Life – गुमराह नहीं होना साथी – Faith Poem

Advice Poem About Life – Faith Poem Advice Poem तुम युवजन में हीं सारा बल, तुम बृद्धजन में ही भरी परख, कोई स्वार्थसिद्धि में ले न छल, ए वीरपुत्र! भारतवासी, गुमराह नहीं होना साथी! तुम हिंदू है, तुम मुस्लिम भी, तुम और धर्म के अनुयायी, सबसे पावन तो राष्ट्र धर्म! न हीं काबा, न हीं

Politician Poem – नेता जी – Poem on Leadership

Politician Poem – Poem on Leadership Politician Poem मेरे प्यारे नेता जी, सपनों के बिक्रेता जी, अपने खाए खूब मलाई, पत्तल चाटे जनता जी। मेरे मसीहा नेता जी, कुछ भी तो नहीं लेता जी, छप्पर फाडकर धन बरसाए, अपने घर हीं नेता जी। मेरे शुभचिंतक नेता जी, खैर-खबर तो लेता जी, हाथ जोड़कर घुमते फिरते,

Violence Poem – महिमामंडन पर मत जाना – Poem on Violence

Violence Poem – Poem on Violence Violence Poem हैं नहीं हितैषी वे तेरा, महिमामंडन पर मत जाना, कहीं ढोल नगारे के धुन पर, साथी तुम नहीं थिरक जाना, महिमामंडन पर मत जाना. वे उन्मादी हैं, हाथ लिए, नफरत के बीज कब बो देंगें, हरे-भरे तेरे बगिया को, अपने हीं रंग में रंग देंगें, और लाल-पीला

Destiny Poem – तकदीर का मारा है शायद् – Poem on Destiny

Destiny Poem – Poem on Destiny in Hindi Destiny Poem तकदीर का मारा है शायद्, या इक बेचारा है शायद्, जब दिल हीं अपने वस में नहीं, फिर बना आवारा है शायद्. तुम चाँद हो अपनी महफिल के, वह तो इक तारा है शायद्. तुम जीतो अपना हर बाजी, इसलिए तो हारा है शायद्. दिल

Poem Diwali – दीवाली – Poem on Deepawali in Hindi

Poem Diwali – Poem on Deepawali in Hindi Poem Diwali मुबारक हो सभी जन को, यह ज्योति पर्व दीवाली, पधारे हैं गणेश लक्ष्मी, मने घर-घर में दिवाली, दुःख-दर्द दूर हों सबका, मुरादें हों सभी पूरी, दीया ऐसे जलाएं हम, मने फिर रोज दीवाली.

Vegetable Poem – सब्जी की है बात निराली – Hindi Funny Poem

Vegetable Poem – Hindi Funny Poem Vegetable Poem सब्जी की है बात निराली, सजती नहीं इसके बिन थाली, तेल- मसाले से सँवरे जब, फिर बन जाती है घरवाली, सब्जी की है बात निराली। इसे कहे कोई तरकारी, तीमन नाम भी इसकी प्यारी, रंग, रूप और स्वाद अनेकों, करती दूर कई बीमारी, सब्जी की है बात

Funny Poem in Hindi – राम अभी वनवास पर रहना – Hindi Poem

Funny Poem in Hindi – Joy Poem Funny Poem राम अभी वनवास पर रहना, भाई भरत अभी डटे हुए हैं, तेरे नाम से राज हैं करते, अच्छे दिन आनेवाले हैं। थोड़े दिन जरा और ठहरना, मन की बात अधूरी है अभी, देश शेष रह गए हैं कुछ हीं, हुई सैर अभी नहीं पूरी। भव्य महल

Hindi Kavita – किसी के इश्क़ में – Poem on Love in Hindi Language

Hindi Kavita – Love Poem Hindi Kavita किसी के इश्क़ में मरने से जीना और मुश्किल है, किसी के याद में खोने से बचना और मुश्किल है, दीये की लौ हीं काफ़ी है इक परवाने के खातिर, लिपट कर खाक होने से तड़पना और मुश्किल है। दीवाने लाख हैं जिसके भला वे क्यों न इठलाए,

Zindagi Poem – मैं यायावर – Hindi Poem on Life is Beautiful

Zindagi Poem – Hindi Poem on Life is Beautiful Zindagi Poem चाहता हूँ मैं भी अपने रूढ़िवादी कवच को तोड़ थाम लूँ हाथ अपने प्रगतिशील मित्रोँ का उद्घोष करूँ नारीमुक्ति का। औरत जब किसी और की होती है मुक्त नारी खूब जँचती है पश्चिमी परिधान बिना सिंदूर की मांग सूनी कलाई अलहड़ अंगराई उम्र पचपन