Author: Amresh Kumar Labh

Childhood Poems – बच्चे हैं बच्चे – Childhood Poems in Hindi

Childhood Poems – Poem on Childhood Childhood Poems बच्चे हैं बच्चे रहने दो, बचपन के कुछ पल जीने दो, लादो न बोझों से ऐसे, बन पंछी उसे चहकने दो, बच्चे हैं बच्चे रहने दो। अपने सपनों से मत जोड़ो, अरमान को उनके मत तोड़ो, खिल जाने दो फूलों की तरह, कुछ अपने महक महकने दो,

Life Struggle Poem in Hindi – मुक्ति मिली न मन्त्र से – Life Poem

Life Struggle Poem in Hindi – Life Poem Life Struggle Poem मुक्ति मिली न मन्त्र से मिटा न क्लेश यन्त्र से हल ढूंढते हीं रह गए सुलझे न कोई तन्त्र से। बाजी वही तो जीते है चालाकी व षडयंत्र से हाकिम अभी भी वे हीं हैं क्या लेना राजतन्त्र से घुसपैठ करते हर जगह बेफिक्र

Helpless Poems – लौट न जाना वहीं से – Feeling Helpless In Life

Helpless Poems – Feeling Helpless In Life Helpless Poems लोग कितने पास आए आम आए, खास आए चल दिए कुछ दूरियों से फ़ासला न पाट पाए आए हो तुम पास अब, तब आस नव फिर से जगी है लौट न जाना वहीं से आगे तुम कुछ और बढ़ना। कुछ अदा पे फ़िदा होकर कुछ नयन

Helpless Poems – Hindi Poetry – Feeling Helpless In Life

Helpless Poems – Feeling Helpless In Life Helpless Poems लम्बी लगती रात, दिन है कम पड़ जाता कामों में जब लीन, पहर छोटा पड़ जाता आते कई विचार, रहे फुर्सत में जब भी हो जाते लाचार, उदर आड़े पड़ जाता।