Author: Kavita Sharma

Hindi Language – हिन्दी की व्यथा – Poem on Hindi Diwas

Hindi Language – Poem on Hindi Diwas in Hindi Hindi Language ये अंधेरा क्यों है? आज तो बत्ती जला दो, वैसे तो कोई आता नहीं मेरे घर, शायद आज कोई, भूले भटके आ जाये, आज “हिन्दी दिवस है न, किसी न किसी को तो मेरी, याद आ ही जायेगी। सूना रहता है मेरा आंगन, मेहमान

Confusion Poem – क्यों होता है ऐसा? – Confusion About Life

Confusion Poem – Confusion About Life Confusion Poem क्यों होता है ऐसा समझ आता नहीं, तुम्हारे बिना कुछ भी भाता नहीं, क्यों खुशियां सारी छिन जाती हैं, सिर्फ यादें ही बाकी रह जाती हैं, मन यादों के उस पार जा पाता नहीं, क्यों होता है ऐसा समझ आता नहीं| हर तरफ तुम ही तुम हो,

Poem Mother Love – मां तेरी मुस्कराहट – Poem on Mother Hindi

Poem Mother Love Poem Mother Love मां तेरी मुस्कराहट जन्नत की याद दिलाती है, चेहरे की खुशी हर खुशी पे भारी पड़ जाती है. क्यों कि सुना है जन्नत खूबसूरत होती है, वहां जिन्दगी की हर खुशी मौजूद होती है, पर मेरी जन्नत तो वहीं पर होती है मां, जहां हर तरफ तेरी मुस्कराहट होती