Author: Kedar Kate

Growing Older Poem – बूढा होराहहु में – Funny Poem in Hindi

Growing Older Poem – Funny Poem in Hindi Growing Older Poem बूढा होराहहु में, टीवी में देख नही सकता, रेडियो बिना रेहे नही सकता, ऐनक बिना पड़ा नही जाता, Walk पे अब जा नही सकता, बूढा होराहहु में। ग्रीन टी मुझे भाती नही, ५ बार चाय की आदत मेरी जाती नही, होटल का खाना हज़म