Author: Paras Kumar

Bharat Mata Poem – भारत माता – Hindi Poem on Bharat Desh

Bharat Mata Poem – Hindi Poem on Bharat Desh Bharat Mata Poem मैने एक दुःसवप्न देखा! भारत माता का आँचल जलता देखा! घिरी थी आग की लपटों मे, खडे थे तमाशबीन चौबारे में! अपनी निर्लजता, वहशीपन, कट्टरता लिये आखों मे, सर्द हवाओं में! भिगीं आँखे, नतमस्तक थी, अविरल अस्रुधार बही अपनी संतानों के आगे बेबस

Heart Poem – दिल की आवाज – Sound Of Heart

Heart Poem – Love Poem – Sound Of Heart Heart Poem खामोश धड़कनों को तू आवाज न देना ! मुहब्बत का नाम लेकर इसे नीलाम न करना! ! गम की इस परछाई को इबादत का नाम मत देना! दिल की इस सिसकती आवाज को, संगीत की तान मत देना!! गर हो सके तो अपनी एक

Poem Myself – मै कौन हूँ – Who Am I Poem

Poem Myself – मै कौन हूँ – Who Am I Poem Poem Myself – Hindi Poem on Life मै कौन हूँ, एहसास या इन्तजार , विश्वास या तिरस्कार, एक भूल या पश्चाताप! शहर हूँ या शाम , दिवा हूँ या निशा , प्रकाश हूँ या तिमिर, स्वप्न हूँ या हकीकत! मै खुद एक प्रश्न हूँ, दिये

Poem Waiting – एहसास इंतजार का – Poem About Waiting For Someone

Poem Waiting Poem Waiting एहसास इंतजार का पता होगा ही, व्याकुलता भरे क्षण में प्रेम का दुगना हो जाना। समय की सिथलता, हृदय का स्पंदन साफ सुनाई देना।। भूली बिसरी यादों का एकाएक चित्रित हो जाना। सपनों में खो जाना और सांसे लंबी हो जाना।। अकेले यू मुस्कुराना, बातें करना, एकटक हो जाना। हर पल

Poem Intoxication – नशा – What is Intoxication – Life Poetry

Poem Intoxication – Life Poetry Poem Intoxication – Life सबने कहा नशा प्यार में होता है । मैंने कहा नशा इंतजार में होता है ।। सबने कहा नशा आखों में होता है। मैने कहा नशा नज़रों में होता है।। सबने कहा नशा मिलने में होता है। मैने कहा नशा जुदाई में होता है।। लोग कहते

Feeling Helpless In Life – बेबस मन – Tears of Love Poem

Feeling Helpless In Life Feeling Helpless आज इंतजार इतनी लंबी क्यों थी? क्यों नजरे व्याकुल थी बेवस थी! पता नहीं किस बात की उलझने थी! खामोश थी धड़कने, उदासी छायी थी! दिल के हर कोने से तेरी आवाज आयी थी! नमी आँखों में बदन में सिहरन छायी थी! क्या कहूं ठंढ में भी बरसात आयी

Poem Mothers Day in Hindi – मां – Meri Maa Poem in Hindi

Poem Mothers Day Poem Mothers Day तू जननी है, प्रेम सुधा बरसाने वाली, नवजीवन को गढ़ने वाली, अमृतपान कराने वाली। प्रकृति में तू,जीवन में तू,सृष्टि का इतिहास भी तू। हर कदम का अहसास भी तू। तन मन का अभिमान भी तू। नैनो की नीर भी तू, हर्ष भी तू, स्वाभिमान भी तू। जीवन का अनुराग