Author: Ramji Verma

Feelings Poem – मुक्ति – Poem Feelings of Life

Feelings Poem – Poem Feelings of Life Feelings Poem कुछ बातें परे होती है द्वेष से राग से कुछ बातें अलग होती हैं हानि से लाभ से कुछ बातें मुक्त होती है मान से अपमान से परंतु मुक्त कहाँ हो पाता है मन कभी अपनी पहचान से  

Life Journey Poem – ये सफ़र कौन सा है – Short Poems About Life

Life Journey Poem – Short Poems About Life Life Journey Poem ये शहर कौन सा है ये बसर कौन सा है अजनबी सभी यहाँ ये असर कौन सा है न धूप है न तीरगी ये पहर कौन सा है धड़कनों मे बह रहा ये ज़हर कौन सा है शिकस्त साथ मे लिए ये गुज़र कौन

Lonely Poems – आलम ए तनहाई – Poem on Life in Hindi

Lonely Poems – Poem on Life in Hindi Lonely Poems उँचाइयाँ भी तनहा, हैं गहराइयाँ भी तनहा भीड़ मे रहकर सदा तनहाईयाँ भी तनहा रोशनी के मौसम मे हमकदम हरदम बने आगोश मे अंधेरों के परछाईयाँ भी तनहा जिनके सुरों ने भरा था ज़िंदगी मे रंग को कोने मे रहती पड़ी शहनाईयां भी तनहा भीगते

Hindi Short Poems – सब ख़ैरियत से हैं – Hindi Poem on Zindagi

Hindi Short Poems – Hindi Poem on Zindagi Hindi Short Poems सब ख़ैरियत से हैं दिए ग़म आपके हम भी नही थे किसी से कम आपके परछाईयाँ समेटकर दामन में तीरगी की मेरे पावं चल पड़े थे हम कदम आपके दिल को सुकून होता था सोच कर जिसे उसे देखकर चेहरे पे चढ़ा मातम आपके दिया

Short Hindi Poems – कविता की पहचान – Hindi Kavita

Short Hindi Poems – Hindi Kavita Short Hindi Poems धूमिल ने कहा था कविता भाषा मे आदमी होने की तमीज़ है शायद यह भी सच है कि कविता मन की एक तान है लेकिन आजकल कविता हर किसी की ज़ेब मे पड़ा अवसरों का आख्यान है पर कविता न तो पकवान है ना सामान है

Life Without You – ज़िंदगी उसके बिना – Hindi Poem on Zindagi

Life Without You – Hindi Poem on Zindagi Life Without You दर्द बढ़ता ही गया, शौक की इंतेहाँ न हुई गुलों का साथ था मगर, खुश्बू मेहरबाँ न हुई आँधियों की साज़िश मे, मौसम उलझ गया गुलशन उजड़ने की कभी, ऐसी दास्ताँ न हुई ख्वाब सब बिखर गये, खामोशियों के ख़ौफ़ से ज़िंदगी उसके बिना, इतना

Waiting Poem- प्रतीक्षा – Poem About Hope and Faith

Waiting Poem – Poem About Hope and Faith Waiting Poem आना ज़रूर उसी मोड़ पर अपने किंतु परंतु को पीछे छोड़कर सच है कि प्रतीक्षा की परछाईयाँ लंबी होने लगी हँ लेकिन तुम्हारा आना होगा उतना ही सच जैसे निकलता है सूरज तिमिर की दीवार तोड़कर हमारे मिलन को साक्षी होने को खड़ी उत्सुक दिशाएं मिल

Life Poems – ये चिराग कौन से हैं? – Short Poem About Life

Life Poems – Short Poem About Life Life Poems ये चिराग कौन से हैं, जल रहे कहाँ हैं परछाईयों की गिरफ़्त में रोशनी जहाँ है बेचारगी सिमट कर छिप रही अंधेरों में उजालों की इनायतें महलों पे मेहरबाँ हैं ला रहा हर तरफ उजालों का ख़ौफ़ कौन बस्तियाँ जलाकर बना सबका रहनुमा है सरताज रोशनी के

Zindagi Poems : ज़िंदगी – शायद – Hindi Poem on Zindagi

Zindagi Poems – Hindi Poem on Zindagi Zindagi Poems अपनी अपनी बातें हैं सबकी अपनी घाते हैं धुआँ जहाँ भी दिखता है अपने ही आग लगाते हैं प्रेम समर्पण दुनियादारी सब सुविधा की बातें हैं खुशफ़हमी की दुनियाँ में बे मौसम बरसातें हैं  

Hope Poems – काश – Short Love Poem in Hindi

Hope Poems – Short Love Poem in Hindi Hope Poems तेरा गम तुमसे भी पहले, मेरे जीवन मे शामिल हो मेरी खुशियों का हक़ तुमको,  मुझसे भी पहले हासिल हो जीवन की कश्ती के दोनों, मिल कर संग पतवार बनें मॅंझधार ज़माने की फ़ितरत, अपनी किस्मत में साहिल हो

Sad Poems : कैसे कोयल के गीत लिखूं – Poem About Life in Hindi

Sad Poems – Poem About Life in Hindi Sad Poems कैसे कोयल के गीत लिखूं भौरों की कैसे प्रीत लिखूं चिंतित ठहरा है वर्तमान कैसे भविष्य कल्पनातीत लिखूं सूरज की लालिमा खूनी है झरनों का कैसे संगीत लिखूं रातें लगती जब खौफनाक चाँदनी को कैसे शीत लिखूं दो पल भी साथ लगे भारी कैसे तुम्हें मन

Inspirational Poem – क़िस्सों मे मशहूर हो गये – Poem on Life in Hindi

Inspirational Poem – Poem on Life in Hindi Inspirational Poem क़िस्सों से बचते बचते हम, क़िस्सों मे मशहूर हो गये कल तक कितने पास लगे थे, अब हम कितने दूर हो गये साथ साथ मीलों चलकर भी, कदम सफ़र मे थके नही जुदा राह की सोचों से ही, सपने थक कर चूर हो गये कभी एक

Humanity Poem in Hindi – कोई इन्साँ क्या होता – Poem About Humanity

Humanity Poem in Hindi – Poem About Humanity Humanity Poem तुम्ही मेहरबाँ हो ना सके, तो वक़्त मेहरबाँ क्या होता तन्हा तन्हा साथ चले हम, अपना कारवाँ क्या होता गुलशन की कुछ शाख गुलों से अक्सर ही महरूम रहीं काँटे बो कर दामन में, फिर कोई बागबाँ क्या होता बिन पतवार के टूटी कश्ती, झोंक दिया

Zindagi Poem in Hindi – निन्यान्बे के फेर में – Hindi Poem on Life

Zindagi Poem in Hindi – Hindi Poem on Life Zindagi Poem निन्यान्बे के फेर में ता उम्र तीन पाँच करते रहे छत्तीस के संबंधों को तिरसठ में बदलते रहे और जब तक ये पता चला कि जीवन में दो और दो अक्सर पाँच नहीं होते तब तक ज़िंदगी नौ दो ग्यारह हो गयी

Women Poem – कविता में स्त्री – Poem of Beauty of a Woman

Women Poem – Poem of Beauty of a Woman Women Poem कवि नज़र में केले के पेड़ युग्म शीर्षासन करते हैं तब जाकर स्त्री की टांगों का रूप धरते हैं वक्ष के उभार में तुम्हारी कविता इतनी खो गई स्त्री ह्रदय को देखने से पहले ही बे सुध हो गई कविता सदा तत्पर रही भरने

Believe Poem – मैं नास्तिक नही हूँ – Hindi Poem

Believe Poem – Hindi Poem Believe Poem हे परम् पिता तुम्हारे असीमित साम्राज्य का विस्तार तुम्हारी महिमा की प्रवंचना और भय के विधान का गठजोड़ है उसकी दरबारी प्रवृत्तियों में अभय दान के आश्वासन और स्तुतियों के मोड़ हैं तुम्हारी प्रार्थना की पुस्तकों में हमारा निरीह सुख और हमारी प्रार्थना तुम्हारी कृपा के आचरण पर टिका

Life Journey Poem – ज़िन्दगी यूँ ही – Poem About Life Lessons

Life Journey Poem – Poem About Life Lessons Life Journey Poem दिल उजड़ने लगे, गाँव बसने लगे हैं दलदली चाहतों में पाँव धँसने लगे हैं साथ धोखे चले आस्तीन में साँप से वो सफ़र के इरादों को डसने लगे हैं सपने उठा कर बग़ावत का परचम सियासत की चालों में फँसने लगे हैं उम्र देकर शराफ़त

Hope Poem – काश तुम – Short Poem About Hope

Hope Poem – Short Poem Love Hope Poem दर्द उभरकर आह बना, दिल भी सहमा रुख़सत पर ख़ामोशी से अश्क़ गिरे थे, हाथों में खुले ख़त पर खालीपन बिखर गया है, मन के सूने आँगन में बार बार तन्हाई कहती, कितना सुख था बन्धन में जीवन की आपा धापी में, सदियों पिछड़ गये हम मंज़िल

Wish Poem – ख्वाहिशें बहुत हैं – Poem on Hope and Wish

Wish Poem – Poem on Hope and Wish Wish Poem नादान दिल धड़कने की ख्वाहिशें बहुत हैं मोहब्बत के सफ़र में आज़माइशें बहुत हैं अपना उसे बनाने का इक रोज़ वक़्त आएगा उम्मीद के दामन में अभी गुंज़ाइशें बहुत हैं हर दौर में ख़ुदा सा कोई चढ़ता सलीब पर सियासत में साज़िशों की पैदाइशें बहुत

Complicated Love Poem – सलीब पर प्रेम – Complicated Love

Complicated Love Poem – Poem About Complicated Love Complicated Love Poem प्रेम का उद्घोष अक्सर, जब भी देता है अपनी अनुभूतियों को शब्द पगड़ियों की शान और प्रतिष्ठा की सनक, तिलमिलाकर, उठा लेते हैं मर्यादा के ध्वजों को और बनाकर प्रेम को सवालों का सलीब चरित्र को सूली पर चढ़ा देते हैं फिर डालकर नेपथ्य