Author: Ramji Verma

Short Poem on Love – कही अनकही – Poem on Anger in Hindi

Short Poem on Love – Poem on Anger in Hindi Short Poem दीवानगी के दावे यहाँ सब, सने हैं खोट से सिसकते हैं दिल भी मोहब्बत की चोट से ग़लती से मुखौटों को चेहरा न समझ लेना नज़रें शिकार करतीं शराफ़त की ओट से माना कि निज़ाम ने हर बार दिए धोखे तुम भी ज़वाब देना

New Year Poetry – अलविदा के सफ़र में – Poem on New Year in Hindi

New Year Poetry – Poem on New Year in Hindi New Year Poetry अलविदा के सफ़र में फिर एक साल है मायूसियाँ सर पर लिए फिरता मलाल है जा रहा दे कर हमें सौगात में तन्हाईयाँ ख्वाहिशें बाहों में पडीं, ख्वाब में विसाल है लबरेज़ मुखौटों में ख़ुशी फैली है हर तरफ शोर में सिसकियों का

Girl Love Poem – उस लड़की के नाम – Poem About a Girl You Love

Girl Love Poem – Poem About a Girl You Love Girl Love Poem अपरिचय के आकर्षण में सिमटी वह पहली मुलाक़ात जब संवादशून्यता का सेतु निःशब्द टूटा था औपचारिकता का बोध कॉफ़ी के प्यालों से मीलों पीछे छूटा था उसके आँखों की निर्मलता और हृदय की पारदर्शिता उसके आत्मविश्वास से सधी थी वह लड़की व्यवहार के

Poem Old Age – आखिरी पड़ाव – Poem About Growing Old

Poem Old Age – Poem About Growing Old Poem Old Age समय की शिला ने चेहरे पर झुर्रियों की छाप छोड़ दी है वक़्त के बहाव ने कमर भी कुछ तोड़ दी है व्यतीत के संस्मरण ही उनकी तन्हाइयों के साथ हैं सहारे को, काँपते हुए, बस अपने ही हाथ हैं मंझधार के खतरों से

Comparison Poetry – न्याय : अन्याय – Poem on Justice-Injustice

Comparison Poetry – Poem on Justice-Injustice Comparison Poetry हे देवीतुम्हारे तराजू का सन्तुलनलड़खड़ाने लगा हैलोकतन्त्र की आस्था का शक्तिशाली स्तम्भडगमगाने लगा हैकानून की अन्धी परम्परा सेनिर्णय, कानाफूसी करने लगा हैन्याय स्वयं, अपने निर्णयों से डरने लगा हैसत्य अब परेशान ही नहीपराजित भी हो रहा हैसत्यमेव जयते का अभिमानअपना विश्वास खो रहा हैअवमुक्त होना ही होगा, तुम्हारे

Find Love Poem – तलाश ए आरज़ू – Short Sweet Love Poem

Find Love Poem – Short Sweet Love Poem Find Love Poem कभी साथ तुम खड़े थे वक़्त की खिजाओं मेंज़ुल्फ़ों के पेंच अब भी मौज़ूद हैं हवाओं मेंदौर ए मोहब्बत की बाहों में तुम्हे पाया थाखुशबू तुम्हारी अब भी घुली है फ़िज़ाओं मेंकरता है इनकार दिल तुम बिन धड़कने सेराहतें मिलती नहीं कभी दर्द की दवाओं

Life Journey Poem – अंदाज़ ए रहनुमा – Poem on Life

Life Journey Poem – Poem About Life Journey Life Journey Poem बन्द आँख कर के जो बनता रहा अबोध हैचलने लगा है उसमें, कुछ अपराध बोध हैजीवन को कहाँ हासिल है दरिया की रवानीज़िन्दगी की राह में, हर मोड़ पर गतिरोध हैहर नज़र है बा अदब हर ज़ुबाँ भी खामोश हैरवायत ए निज़ाम शायद, ले रहा