Author: Ram Nivas Kumar

Man and Woman Poem – पुरुष यदि प्रभात है – Life Poetry

Man and Woman Poem – Life Poetry in Hindi Man and Woman Poem पुरुष यदि प्रभात है तो नारी उषा है पुरुष यदि मेघ है तो नारी विद्युत है पुरुष यदि अग्नि है तो नारी ज्वाला है पुरुष यदि आदित्य है तो नारी प्रभा है पुरुष यदि तरु है तो नारी लता है पुरुष यदि

Son Daughter Poem – बेटा यदि वारिस है – Life Poetry in Hindi

Son Daughter Poem – Life Poetry in Hindi Son Daughter Poem बेटा यदि वारिस है तो बेटी पारस है । बेटा यदि वंश है तो बेटी अंश है । बेटा यदि तन है तो बेटी मन है । बेटा यदि संस्कार है तो बेटी संस्कृति है । बेटा यदि आन-बान है तो बेटी मान-गुमान है।

Save Daughter Poem – दुनिया में आना – Hindi Poem on Betiyan

Save Daughter Poem – Hindi Poem on Betiyan Save Daughter Poem अगर मेरा दुनिया में आना, भी तुमको मंजूर नही जिस दिन तरसोगे बेटी को, वो दिन ज्यादा दूर नही । अपना ही था खून तुम्हारा, जिसे कोख में मार दिया आपकी बेटी कल की माँ है, ये भी नहीं विचार किया । जानकर अंजान

World Student Day – निज कर्म करो – Poem on Students

World Student Day – Poem on Students World Student Day राष्ट्रीय छात्र दिवस के अवसर पर निज कर्म करो तन-मन से, कभी अहम मत लाना मेहनत और प्रखर बुद्धि से, दुनिया में नाम कमाना । ओ छात्र-युवा! अपने गुरुओं से, गुण-ज्ञान सब सीखो कर आलस्य का त्याग तुम, अपनी तकदीर खुद लिखो। मातु-पिता गुरुजन को

Betiyan Poem – Daughters Poem – Hindi Poem on Betiyan

Betiyan Poem – Hindi Poem on Betiyan Betiyan Poem सम्पूर्ण धरा से चुन-चुन कर, अच्छी चीजें लाऊँगी पूरी पृथ्वी को बेल कर भी, रोटी मीठी खिलाऊंगी। सीख लूँगी अपने पैरों पर, खड़ा होना आपसे नही माँगूंगी वस्त्र आभूषण, कह रही हूँ विश्वास से । ओ माता ! ओ पिता ! मुझे मत मारो, मुझे मत

Life Struggles Poem – तट पर बैठे ख्वाब को – Journey of Life

Life Struggles Poem – Journey of Life Poem Life Struggles Poem तट पर बैठे ख्वाब को ख्वाब ही रह जाना है, गहरे तह तक जाना होगा गर मोती को पाना है। उठना है और भी ऊपर, हैं ऊंचाईयां पुकारती हैं अपार क्षमताएँ तुममें, आशाएं तुम्हें निहारती। जोश और जोखिम किया जिसने जिंदगी के नाम, तूफानी

Youth Today – माँ-बाप ने तुमको – Poem About Youth Today

Youth Today – Youth Poem In Hindi Youth Today माँ-बाप ने तुमको जनम दिया, उन्हें सिसकने मत देना ! भार उठा स्वयं दृदय पर, उन्हें खटकने मत देना !! किये उम्मीद बहुत वे तुमसे, स्वयं घात पर घात सहे ! करो काम कुछ ऐसा अब तुम, जो उनके सारे पात हरे !! सड़क-गली सुनसान जगह,

Pain Poem – मत करो बदनाम – Poem on Suffering And Pain

Pain Poem – Poem on Suffering And Pain Pain Poem मत करो बदनाम बिहार को, अनुरोध आज मैं करता हूँ है खूबसूरत प्रदेश हमारा, संग तेरे मैं चलता हूँ । किया खात्मा नशा बिहार से, आप भी कर दीजिए मिटा नशा भारत से बिलकुल, स्वमान बढ़ा अब लीजिए। माना थोड़ा पिछड़ गए हम, आप मदद

Anger Poem – देशभक्त क्यों मौन हो – Poem on Life in Hindi

Anger Poem – Poem on Life in Hindi Anger Poem देशभक्त क्यों मौन हो तुम? देशद्रोह की आँधी से डरकर, उठा आवाज भरो हुंकार, गद्दारों से सीधे लड़कर। देशद्रोही चिल्ला रहा है, पूछ रहा है कौन हो तुम? बता काट जिह्वा की उसकी, उसके डर से मौन हो तुम! पिया है तूने माँ का क्षीर,

Nasha Mukt Bihar – नशामुक्त बिहार हुआ – Poem Nasha Mukti

Nasha Mukt Bihar – Poem Nasha Mukti Nasha Mukt Bihar हो रही तारीफ बड़ी, आज बिहार सरकार की, नशामुक्त बिहार हुआ, खुशियां लौटीं परिवार की। सोचना भी आसान नही था, बिहार नशामुक्त हो जाएगा, दिखा दिया पूरा कर आपने, अब नशा नहीं चल पाएगा। जीत लिया भारत का दिल, अब घर-घर में खुशहाली है, बिहार

Cleanliness Campaign – स्वच्छता अभियान – Cleanliness Poem

Cleanliness Campaign – Cleanliness Poem Cleanliness Campaign चला स्वच्छता अभियान देश में, पीएम ने पुकारा है, आगे बढ़ रहे सभी जन मिलकर, फैल रहा चहुँओर उजाला है। था यह कहना गांधीजी का, गंदगी साफ करेंगे हम, अब आवाज बुलंद हुआ देश में, गंदगी नहीं फैलाएंगे हम। कोटि सवा सौ संख्या हैं हम, व्रत हम आज

Glory Poem – दर्द हमें जब होता है – Poem on Mothers Day

Glory Poem – Poem on Mother in Hindi Glory Poem दर्द हमें जब होता है, मुख से माँ निकलता है, बच्चों के दुःख से, माँ का दिल तड़पता है। माँ एक महाशक्ति है, और माँ ईश्वर की भक्ति है, अपने बच्चों की खातिर, माँ कुछ भी कर सकती है। माँ बिना यूँ लगता है, जीवन

Corruption Poem – हो रही तारीफ बड़ी – Hindi Poem on Corruption

Corruption Poem – Hindi Poem on Corruption Corruption Poem हो रही तारीफ बड़ी, आज केंद्र सरकार की, भ्रष्टाचारमुक्त अब देश हुआ, खुशियाँ लौटीं परिवार की। सोचना भी आसान नहीँ था, कालाधन वापस आ पाएगा, दिखा दिया पूरा कर आपने, अब भ्रष्टाचार नहीं चल पाएगा। वर्षों से जो मांग उठी थी, उसे पूरा कर दिखलाया है,

Suicide Poem – यमलोक से खत लिखा – Suicidal Feelings

Suicide Poem – Poem about suicidal feeling Suicide Poem यमलोक से खत लिखा, हूँ बहुत मैं चाव से. ख़ुदकुशी की राह पकड़ी, मैं अपनों के घाव से। सुनो देश और दुनिया वालो! बात एक बतलाती हूँ, भारत की बेटी बन नहीँ पाई, इसलिए कवित्त एक बन जाती हूँ। थी बहुत मजबूर इतना, अपने दाव और

Life Without You Poem – गर तू मेरे साथ न होती – Love Poem

Life Without You Poem – Love Poem Life Without You Poem गर तू मेरे साथ न होती, जीकर भी मैं क्या करता! रुक जाता मैं क हीं गली में, जैसे पथिक है थक जाता! तू मेरे दिल की धड़कन हो, साँस हवाले करता हूँ! करके तुमको याद मैं हरदम, खोया-खोया सा रहता हूँ। भले तुमहारे

Bravery Poem – अंग्रेजों ने जब आँखें डाली – Soldier Poem

Bravery Poem – Poem on Soldier Bravery Poem (बाबू वीर कुँवर सिंह जी को समर्पित) अंग्रेजों ने जब आँखें डालीं, आरा बक्सर बलिया में, खून गरम हो खौल उठा तब, जगदीशपुर की गलियों में। वीर कुंवर आरा का गौरव, स्वाभिमान का पोषक था, अंग्रेजों से खुली जंग का, बिहार से वह उदघोषक था। अंग्रेजों ने

Trust Poem – कलमकार की लाल कलम से – Poem on Writing

Trust Poem – Poem on Writing Trust Poem कलमकार की लाल कलम से आग निकलनी चाहिए, मंद पड़े जब दीप देश का ज्वाला उठनी चाहिए। सागर की शांत सी लहरों में, तुफां तब चलनी चाहिए, कलमकार की लाल कलम से, आग निकलनी चाहिए। हो थमी धार जब देशभक्ति की, आक्रोश उठना चाहिए, शांत सुस्त नवयुवकों

Doctors Day Poem – Request to The Doctor – ईश रूप तुम

Doctors Day Poem – Request to The Doctor Doctors Day Poem ईश रूप तुम माने जाते, सारी जनता है करती पूजा, सेवा भाव हो लक्ष्य तुम्हारा, तुम जैसा नहीं और है दूजा। है करबद्ध प्रार्थना तुमसे, धर्म रूप धर कर्म करो तुम, दीन-दुखी सब बिलख रहे हैं, भगवत रूप में दिखते हो तुम। मान-सम्मान गिर

Heart Touching Love Poem – जरा मुहब्बत करना – Love Poem

Heart Touching Love Poem In Hindi Heart Touching Love Poem कभी नहीं नफरत का धंधा, जरा मुहब्बत करना सीखो, पहले मैल निकालो दिल से, फिर मिल कर मुस्काना सीखो। मिलजुल कर रहने से खुशियाँ, खुद ही साथ चली आतीं, दंगों और फसादों से तो, दहशत और बढ़ती जाती। डरो नहीं, औ नहीँ डराओ, हँसकर साथ

Martyrs Day Poem – आज फिर एक जवान – Poem on Soldier

Martyrs Day Poem – Poem on Soldier Martyrs Day Poem आज फिर एक जवान, जंग में शहीद हो गया, जाते-जाते अपनी सांसें, हमारे नाम कर गया। दुश्मनों के बाणों को, अपने सीने पर ले, हमे जिंदगी जीने का, सहारा दे गया, जाते-जाते अपनी सांसें, हमारे नाम कर गया। न जाने कैसे चुकेगा, उसके अहसानों का