Eid Mubarak Poem – ईद मुबारक – Festival Poem in Hindi

Eid Mubarak Poem – Festival Poem in Hindi

Eid Mubarak Poem

ईद मुबारक उन बन्धु को,
हमें भी जो बन्धु माने,
राष्ट्र-प्रेम से ओतप्रोत जो,
गद्दारों संग नहीं खड़े.

ईद मुबारक उन बहनां को,
जो नित्य राखी बांध रही,
मोह छोड़ पत्थरवाजों से,
रक्षक भाई के साथ खड़ी.

ईद मुबारक उन अम्मीजान को,
जिनकी नहीं कलंकित कोख,
ऐसे पुत्र जने हैं जो,
बने मातृभूमि – सिरमौर.

ऐसी माँ को ईद मुबारक,
संतान हैं जिसके भटक गए,
दिल पर पत्थर रख कर बोले,
ऐसे से निःसंतान भले.

ईद मुबारक उन अब्बाजान को,
संतान देश के काम आये तो,
फूले नहीं समाते हैं,
आतंकी बन मरें अगर तो,
आँसू तक नहीं बहाते हैं.

ईद मुबारक! उन सब जन को,
जिनकी नहीं फरेबी सोच,
रोज़ा रखा जो सत मन से,
दिल में जिनकी नहीं कोई खोट.

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