Funny Poetry – उम्र जब हल्के से गुजरने लगी – Poetry on Age

Funny Poetry – Poetry on Age

Funny Poetry

उम्र जब हल्के से गुजरने लगी,
तो सोचा कि कोई बोझा ले लूँ,
उन्हीं दिनों मैं प्यार में पड़ गया,
और आज तक मेरी साँस भारी है।

जीने को तो चार पल काफी थे
पर मैंने इक पल मर के भी देखा है,
अब शायद तेरे साथ का वो इक पल
आज भी मेरे सिर पर उधारी है।