Heartbeat Poem – खामोश धड़कने – Love Poetry

Heartbeat Poem – Love Poetry

Heartbeat Poem

संभल संभल कर चल रहा था तेरी मुहब्बत में!
न जुबां बोलती थी, न धड़कनों पर था इख्तियार मेरा!!
कदम-कदम पर वो एहसास तेरा , अदावते तेरी!
हौले से कानों मे बुदबुदाती मिठी आवाज तेरी,
उस छुअन का पहला अहसास और खामोश धड़कने मेरी!!


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