International Womens Day – एक ब्रह्ममंड तुम – Hindi Poetry

International Womens Day – Hindi Poetry

International Womens Day

पूरा समंदर
हवाएं और भवंडर
ये सब तुम्हारे पर्याय हैं,
चाँद और चाँदनी
सूरज की रोशनी
ये सब तुम्हारे साए हैं।

फूल और खुशबू
रंग और जादू
ये सब तुम्हारे ज़ेवर हैं,
शीतल पानी
पर्वतों की वाणी
ये सब तुम्हारे तेवर हैं।

ज़मीन ओ आसमां
महफूज़ गुलिस्तां
ये सब तुम्हारे ठिकाने हैं,
कांटों भरा खेत
मखमली रेत
ये सब तुम्हारे अफ़साने हैं।

ममता का एहसास
जीवन का आभास
यही तुम्हारा संसार हैं,
सारी सृष्टि
ख़ुदा की दृष्टि
ये सब तुम्हारे आकार हैं।

पेड़ों की छाँव
किनारे के नांव
ये सब तुम्हारे व्यवहार हैं,
हृदय की भावना
सृष्टि की कल्पना
ये सब तुम्हारे आहार हैं।

पिता, पुत्र, पति, भाई
प्रेम, ब्याह, सिंदूर, सगाई
ये सब तुम्हारे अवाम हैं,
बेटी , पत्नी, माँ, बहन
मित्र, मित्रता, स्नेह गहन
ये सब तुम्हारे नाम हैं।


Please Like/Share To Encourage Our Authors:

Read more: