Life Journey Poem – ज़िन्दगी यूँ ही – Poem About Life Lessons

Life Journey Poem – Poem About Life Lessons

Life Journey Poem

दिल उजड़ने लगे, गाँव बसने लगे हैं
दलदली चाहतों में पाँव धँसने लगे हैं
साथ धोखे चले आस्तीन में साँप से
वो सफ़र के इरादों को डसने लगे हैं
सपने उठा कर बग़ावत का परचम
सियासत की चालों में फँसने लगे हैं
उम्र देकर शराफ़त बटोरी थी हमने
इस तिज़ारत पर लोग हँसने लगे हैं