Loving Someone Unconditionally – वो इक हमदर्द था – Poem

Loving Someone Unconditionally -Poem in Hindi language

Loving Someone Unconditionally

वो इक हमदर्द था, मुझ को दुआएँ देता था,
मैं जब जल जाऊँ वो मुझको हवाएं देता था।

उसे जाना होता था तो रुकता था नहीं लेकिन,
मुझे तन्हा नहीं करता था, सदाएं देता था।

वो मुझे मायूस पा कर, वो कुछ ऐसा करता था,
मुझे तकिए के नीचे से वो वफ़ाएँ देता था।

मैं जब बीमार होता था, बिस्तर पे आता था,
वो हर ख़त में घोल कर के दवाएं देता था।

रुका था कुछ दिनों तक वो मेरे किस्सों में,
मेरी नज़्मों के बदले में, दुआएँ देता था।

कोई ताल्लुक न था उस का मेरी खताओं से,
मगर पल पल में वो मुझको सज़ाएं देता था।