Living Poem – बहूत आसानी से जी – Poem in Hindi on Life

Living Poem – Poem in Hindi on Life Living Poem तुम सच ही कहती थी कि इतना मुश्किल भी नहीं होगा तुम्हारे बिना जी पाना हिज़्र के घूँट पी पाना, हाँ बहूत आसानी से जी रहा हूँ मैं। बस रोज़ सुबह जागने से पहले तुम्हारे चेहरे का एक अक्स बना लेता हूँ और उसी अक्स

Hindi Kavita – बड़ी बेतुकी सी बातों का – Love Poetry in Hindi

Hindi Kavita – Love Poetry in Hindi Hindi Kavita बड़ी बेतुकी सी बातों का हवाला दे कर वो मेरे हाथों से ज़िन्दगी का एक टुकड़ा ले गया। बिना मेरी इजाज़त के बिना मुझ से पूछे वो मेरी साँसों से जीने की तक़मन्ना ले गया। बड़ी नाराज़गी भारी और गुस्साई हुई आँखों में लपेटकर वो मेरे

Ghazal Poem – हम चले जाएंगे तेरे दर पे उजाले – Hindi Poem

Ghazal Poem – Hindi Poem Ghazal Poem हम चले जाएंगे तेरे दर पे उजाले कर के, तेरे रंगीन और ख़ुद के आईने काले कर के। डूब जाएंगे हम भी उस मेहताब की तरह जो, ड़ूब जाता है आसमां को सहर के हवाले कर के। ये मेरा ग़म हो गया है जलते उबलते पानी जैसा, ये

Hindi Ghazal Poetry – जब से ये दिल होश ओ हवास – Hindi Poem

Hindi Ghazal Poetry – Hindi Poem Hindi Ghazal Poetry जब से ये दिल होश ओ हवास पहने था, सिर्फ तेरी आरज़ू, तेरी ही आस पहने था। हिज़्र की रात से ले कर मौत की रात तलक, मैं तेरे इश्क़ का यही रंग ओ लिबास पहने था। तू मेरे कलम में महफूज़ रही ताउम्र ग़ज़ल, मैं

Hindi Ghazal Poetry – तेरी यूँ रुखसती – Ghazal Poem in Hindi

Hindi Ghazal Poetry – Ghazal Poem in Hindi Hindi Ghazal Poetry तेरी यूँ रुखसती मुझे मार डालेगी, आज ये ज़िन्दगी मुझे मार डालेगी.. मैं जहां खुद को मेहफ़ूज़ कहता था, आज वो ही गली मुझे मार डालेगी… जिस को मैंने होठों पे आने नहीं दिया, आज वो ही हंसी मुझे मार डालेगी… कल जिसे मैंने

Love Poem Short – मैं अगर फूल हूँ – Comparison Poem

Love Poem Short – Comparison Poem Love Poem Short मैं अगर फूल हूँ, तो आप खुशबू की तरह हो, मैं अगर रंग हूँ, तो आप जादू की तरह हो। और मैं अगर नींद हूँ, सपने पिरोती हूँ, आप सपनों में मेरी आरज़ू की तरह हो। मैं अगर बात हूँ मीठी मीठी, आप भी लब पे

Sweet Memories Poem – सुबह से रात होने को – Hindi Poem

Sweet Memories Poem – Hindi Poem Sweet Memories Poem सुबह से रात होने को आई है मगर तुम्हारी यादें है कि वापिस घर जाने का नाम नहीं लेती अभी तक मेरे सिरहाने में पड़ी हैं, ना जाने इन्हें कैसे खबर हो गई कि मैं कब से भूखा हूँ, तुम्हारी यादें मुझसे कहती हैं कि मेरे

Talk Poem – Poem on Words – Hindi Language Poem

Talk Poem – Poem on Words Talk Poem बातें भी ज़रिया होती हैं दिलों से दिल मिलाने का होठों पे हंसी उगाने का रुक रुक कर वक्त चलाने का ज़रा सा घुल-मिल जाने का ।। बातें भी ज़रिया होती हैं, आशिक का दिल जलाने का ग़ज़लों का बनते जाने का धक-धक कर दिल धड़काने का

Deep Love Poem – ताउम्र मुझे इक भूल सी लगी – Sadness Poem

Deep Love Poem – Short Poem on Love in Hindi Deep Love Poem ताउम्र मुझे इक भूल सी लगी, तुम्हारी ये दोस्ती धूल सी लगी।। मैं हर मुलाकात में इश्क़ जताता, और तुम्हे ये बात फ़िज़ूल सी लगी।। काँटों से गुज़रा तो दुआएं मांगी, तुम्हारी बद्दुआ भी मुझे फूल सी लगी।। कल फिर से आँसू

Incomplete Love Poems – हम तेरे ही शहर में – Hindi Poem

Incomplete Love Poems – Poem in Hindi Language Incomplete Love Poems हम तेरे ही शहर में, बसा लें घर अपना, ऐ मौत तेरे दर पे, झुका लें सर अपना।। क्या हम को भी इंसाफ देगा ऐ समंदर, तेरे साहिल को आशिक, बना लें गर अपना।। अब तेरे चले जाने के बाद ऐ ग़ज़ल, तेरी तस्वीर

Deep Love Poem – मैं जिसे चाहता हूँ – Poem on Positive Thinking

Deep Love Poem – Poem on Positive Thinking Deep Love Poem मैं जिसे चाहता हूँ उसी को पा लूँ, ज़रूरी नहीं, जो मेरे दिल में है बाहर निकालूँ, ज़रूरी नहीं। ना जाने किस वजह से मेरी आँखें हमेशा नम हैं, हर आँसू की तुझे वजह बना लूँ, ज़रूरी नहीं।। कईं मर्तबा तो दुआएं भी नहीं

Mohabbat Poem – क्या करू दिल – Confusion Poetry

Mohabbat Poem – Some Day Into The Heart Mohabbat Poem कुछ रोज़ से दिल में अजीब ज़िम्मेदारी है, तभी मैं सोचूँ, क्यों मेरी साँस भारी है। जीना तो कभी का छोड़ बैठा है “सहर”, बस ये साँसों का आना जाना जारी है। अभी कहाँ चल दीं तुम, ऐ ज़र्द रातें, अभी तुमसे ख्वाबों की कईं

Enjoy Life Poem – उस वक्त शजर की शाख – Poem on Life

Enjoy Life Poem – Poem on Life Enjoy Life Poem उस वक्त शजर की शाख बहुत नीली थी, जब उसकी जड़ों में मिट्टी ज़हरीली थी। क्या बात है कल क्यों सूखा सा था चाँद, लगता है कल सितारों की पकड़ ढीली थी। कुछ देर से उतरेगा मुझसे नशा ज़िंदगी का, कल रात ज़िन्दगी ज्यादा ही

Mohabbat Poem – हमें तो मुहब्बत ही में मज़ा – Poem Love

Mohabbat Poem – Poem Love Mohabbat Poem हमें तो मुहब्बत ही में मज़ा आता है, अब कहाँ ज़िन्दगी में मज़ा आता है। आदत छूट गई तेरी गोद में पड़े रहने की, अब तो तेरी बेरुखी में मज़ा आता है। तुम्हें गुरूर होगा, अपने हुस्न पे ऐ सहर, मगर शब को अपनी सादगी में मज़ा आता

Inspirational Poem – कोई समंदर तो – Loneliness Poem in Hindi

Inspirational Poem – Loneliness Poem in Hindi Inspirational Poem कोई समंदर तो होगा जो मेरी गहराई मापेगा, कोई तो ऐसा होगा, जो मेरी तन्हाई मापेगा। तेरे बदले में मुझे क्या होना है हांसिल बता, कोई पैमाना तो होगा जो तेरी भरपाई मापेगा। मैं कौन होता हूँ तेरी वफ़ा पर सवाल करने को, ये वक्त ही

Deep Thought Poetry- ख़याल अच्छा है – Inspirational Poem

Deep Thought Poetry – Inspirational Poem in Hindi Deep Thought Poetry ख़याल अच्छा है, ख्वाब अच्छे हैं वक्त की सीरत पर ये नकाब अच्छे हैं। क्या हम फिर मिलेंगे? नहीं शायद, सवाल अच्छा है, जवाब अच्छे हैं। इस बार तो होली में मज़ा आए, गुलाल अच्छा है, कबाब अच्छे हैं। हाल पूछोगे तो यही कहूँगा

Advice Poem – आग अगर है तो – Poem About Life in Hindi

Advice Poem – Poem About Life in Hindi Advice Poem आग अगर है तो बुझा लो, दिल मे बादल को बुला लो। ज़िंदा रखना हो मरासिम तो, अना को मुट्ठी में दबा लो। फूल मुहब्बत का सलीका हैं, अपने आंगन में सजा लो। तुम उदासी का सबब हो तो, तुम ही आ कर के मना

Poem Amazing – जो कभी लिखा न – Feeling Poem in Hindi

Poem Amazing – Feeling Poem in Hindi Poem Amazing जो कभी लिखा न लिखाया गया हो, कुछ ऐसा लिखो जो पहले से न गाया गया हो। वो महज़ इश्क का एक टुकड़ा हो सकता है, जो कभी होठों से न फरमाया गया हो। तुम भी ले आओ मैं यहीं रख लूँगा, वो एहसास जो इश्क

Breakup Poem – दिल को सहूलियत हो – Breakup Poem in Hindi

Breakup Poem in Hindi – Breakup Poem Breakup Poem दिल को सहूलियत हो इसलिए शायद, हमको वो फिर से बुलाने से डरते हैं। नाम मिटा दिया है मेरा अपने होठों से, मगर अब भी हमें भुलाने से डरते हैं। ख़ुद के आँसुओं की हम हद नहीं रखते, हाँ मगर आज भी तुम्हें रुलाने से डरते

Wish Poem – कुछ रेत पे पानी आ जाए – Gazal Hindi Mai

Wish Poem – Gazal Hindi Mai Wish Poem कुछ रेत पे पानी आ जाए, मौसम पे जवानी आ जाए। कागज़ पर आग लगा देगा, जो आँख से पानी आ जाए। देखूँ तो ग़ज़लें कहता हूँ, छू लूँ तो कहानी आ जाए। इतना तो चलता हूँ राहों पे, पत्थर पे निशानी आ जाए। मेरा हर्फ़ इसी