Wind Poem – ऐ हवा सुन ले – Ghazal Poetry in Hindi

Wind Poem – Ghazal Poetry in Hindi Wind Poem ऐ हवा सुन ले, मेरे बारे में उन्हें कुछ भी ख़बर मत करना, जो भी है दिल की कहा सुनी है भूल से भी इन्हें ज़हर मत करना ।। मत बतलाना उन्हें कि मैं अब भी उन्हीं से ख़ुद को आबाद करता हूँ, कोई भी बात

Winter Poem – कोहराम – Hope Poem in Hindi

Winter Poem – Hope Poem in Hindi Winter Poem इस कदर क्यों ये शहर बदनाम है आज हर तरफ आज कोहरा है हर तरफ कोहराम है । दूर से हर दिशा एक सी लगती है, हर तरफ एक से रास्ते सफ़ेद पोशाक ओढ़े नज़र आते हैं । लगता है हवाओं को भी सर्द मौसम की

Simplicity Poem – ज़मीं पे बिछे – Poem About Simple Life

Simplicity Poem – Poem About Simple Life Simplicity Poem ज़मीं पे बिछे मुफलिसी के टाट पे सोता हूँ, रिश्तों की डोरी पर, आँखों से मोती पिरोता हूँ। कागज़ की तिजोरी में कई ख़्वाब रखे हैं मैंने, टपकती झोंपडी से मैं कई सपने भिगोता हूँ। मेरे कांधे की हिम्मत और भी मकबूल है जब से, लिफ़ाफ़े

Pen Poem – कलम कुछ और भी लिखती – Poem on Pen in Hindi

Pen Poem – Poem on Pen in Hindi Pen Poem कलम कुछ और भी लिखती अगर तुम कहना चाहते तो मग़र जब भी लिखा तुमने महज़ इल्ज़ाम ही लिक्खा।। मुहब्बत हो रही होती है कि सपना टूट जाता है ख़ुदा ने मेरे हिस्से में अधूरा जाम ही लिक्खा।। वैसे तो मैं पहले से ही पूरा

Zindagi Poem – ज़िन्दगी – Poem About Life Journey

Zindagi Poem – Poem About Life Journey Zindagi Poem सुना है तुम सितारे चुनते हो मुझे भी दो ना चंद टुकड़े सितारों के, मैं यहाँ ज़मीन पर से काली रातों को भगाना चाहता हूँ, सदियों से सो रहे जुगनुओं को फिर से जगाना चाहता हूँ। सुना है तुम हवाओं से बातें भी कर लेते हो

Heart Poem – दिल कहीं का – Poem on Heart in Hindi

Heart Poem – Poem on Heart in Hindi Heart Poem बड़ी तकलीफ में रहता है ये मेरा दिल कहीं का, हां मगर फिर भी ज़िन्दा है ये मेरा दिल कहीं का। कई रातों ने घोंटा है गला कई सहर ने इसे जलाया है बड़ी साजिशें लगीं होंगी तब जा कर इसे दफनाया है। लहू में

Poem Hope – वही समां लौट आए – Hope Poem About Life

Poem Hope – Hope Poem About Life Poem Hope काश कि फिर से वही समां लौट आए, कि सितारों में से मेरी माँ लौट आए।। मुझे साफ नज़र आने लगा है तेरा फरेब, काश कि मेरी आँखों में धुआँ लौट आए।। एक ग़ालिब हुआ था, बाब-ए-सुखन था, काश कि फिर से वही ज़ुबाँ लौट आए।।

Life Struggle Poem – इक शाम कुछ पतंगों को उड़ते हुए देखा था

Life Struggle Poem – Poem in Hindi Language Life Struggle Poem इक शाम कुछ पतंगों को उड़ते हुए देखा था कि मैंने इन हवाओं को मुड़ते हुए देखा था।। मेरा मुकद्दर तो मुझ से झूठ कहता रहा मगर मैने इन रेखाओं को सिकुड़ते हुए देखा था।। ये मुहब्बत का शज़र है, उखड़ने नहीं वाला, मैंने

Eyes Poem – मेरी आँखों में दास्तानें बहुत हैं – Memory Poem

Eyes Poem – Memory Poem Eyes Poem मेरी आँखों में दास्तानें बहुत हैं, नए तो नहीं पर पुराने बहुत हैं। दिल के हालात लिखता रहा हूँ, सो मेरी ग़ज़लों के माने बहुत हैं। कम ही रहा है वफ़ा का बिज़नेस, जहाँ बेवफाई की दुकानें बहुत हैं। ज़ुबाँ पे रंजिशें, नफरत और गिले, पर मोबाइल में

Together Poem – सभी मशक्कत में थे – Poem About Love

Together Poem – Poem About Love Together Poem सभी मशक्कत में थे, कि मुहब्बत की जाए, और मैंने अपने रक़ीबों के यहाँ एक गुलदस्ता भिजवा दिया।। सभी को शिकायत सी थी अपने आईने की बू से, और मुझे जब भी वक्त मिला अपने आईने को नहला दिया।। सभी के हिस्से में ये इश्क़ बारी बारी

Gift Poem – तोहफा – Your Gift Of Memory Poem

Gift Poem – Your Gift Of Memory Poem Gift Poem तुम्हें याद है, जब हम साथ हुआ करते थे, मैंने एक तोहफ़ा मांगा था तुमसे, कि तोहफ़े में, तुम मेरी लिखी किताब के, आखिर के सफेद पन्ने पर, अपने ग़ुलाबी होठों से, चुम्भन के निशान दोगी।। ख़ैर, ये तोहफ़ा तो मयस्सर न हुआ मुझे, मग़र,

Life Death Poem – ज़िन्दगी-मौत – Poem About Life Journey

Life Death Poem – Poem About Life Journey Life Death Poem ज़िन्दगी, मौत को पाने का एक ज़रिया है, मैंने देखा है आओ तुम भी बैठ जाओ इस ज़िंदगी की गाड़ी में। सफर तो अलग थलग होंगे किसी को मखमल की सड़कें मिलेंगी किसी को चट्टानों से गुजरना होगा मगर हाँ ये गाड़ी भी सब

Funny Poetry – उम्र जब हल्के से गुजरने लगी – Poetry on Age

Funny Poetry – Poetry on Age Funny Poetry उम्र जब हल्के से गुजरने लगी, तो सोचा कि कोई बोझा ले लूँ, उन्हीं दिनों मैं प्यार में पड़ गया, और आज तक मेरी साँस भारी है। जीने को तो चार पल काफी थे पर मैंने इक पल मर के भी देखा है, अब शायद तेरे साथ

Face Poem – वो चाँद से चेहरे वाली – Poem About Beauty

Face Poem – Poem About Beauty Face Poem वो चाँद से चेहरे वाली, कुछ ओढ़ कर आई है, वो मैला सा दुपट्टा ही है, या उसमें ही कोई दाग है। क्या खूब नज़ारा है घर का, हर ओर गुलिस्तां वाले हैं, इस छोर चमकता आँगन, उस ओर महकता बाग है। ये जिस्म नहीं है गीत

Fault Poem – बहुत सी कमियाँ हैं मुझ – Poem About Life Journey

Fault Poem – Poem About Life Journey Fault Poem बहुत सी कमियाँ हैं मुझ में, जिन्हें मैं सीने में ले कर चल रहा हूँ, अपनी फितरत नहीं बदल पाया, इसलिए आईने बदल रहा हूँ। ज़मीं को आसमाँ होते देखा है, आसमानों में अब चल रहा हूँ, इतना आगे निकल तो गया, मगर पल पल मैं

Age Poem – उम्र इक उड़ता हुआ परिंदा है – Life Poem in Hindi

Age Poem – Life Poem in Hindi Age Poem उम्र इक उड़ता हुआ परिंदा है, मुझे ले कर न उड़ जाए कहीं। मैं तो बस राख का पुतला हूँ, मुझे आँसू न बहा ले जाए कहीं। सब्र रखता हूँ, तभी डर लगता है, कि मंज़िलें ही न रुठ जाए कहीं। मौत आना तय है, मगर

Valentine Day Special – वेलेंटाइन डे स्पेशल – Valentine Poem

Valentine Day Special – Valentine Poem in Hindi Valentine Day Special आज अचानक आँखों पर, एक टुकड़ा आ गिरा तुम्हारी तस्वीर का, आज अचानक फूलों से, तुम्हारी खुशबू आ रही थी। किताबें पलट रहा था जब मैं, हर एक पन्ना काला नज़र आया मुझे, बिल्कुल तुम्हारे काले दुपट्टे जैसा। घर से बाहर निकला तो अजीब

With You Poem – तुम्हारे लबों के हर मौसम – Love Poetry

With You Poem – Love Poetry With You Poem तुम्हारे लबों के हर मौसम में शामिल हूँ, कोई ग़म हो, तो मैं मरहम में शामिल हूँ। हर इक साल, नया नया सा रखे तुम्हें, इस कदर मैं उम्र के आलम में शामिल हूँ। पिछले जनम से ही कोई रिश्ता रहा होगा, इसलिए मैं तुम्हारे इस

Life Journey Poem – मैं जो दीवारों से – Poem About Life

Life Journey Poem – Poem About Life Life Journey Poem मैं जो दीवारों से टकराता रहा, अपने साये से भी घबराता रहा। एक पोटली मिली तेरी यादों की, देर तक हाथों से सहलाता रहा। समंदर को ज़रा रो लेने दे सहर, बेचारा रात भर मुस्कुराता रहा। जो भी पहना इस पापी बदन ने, हर पहने

Moon Poem – कल फिर तन्हा सा वो चाँद – Moon of My Life

Moon Poem – Moon of My Life Moon Poem कल फिर तन्हा सा वो चाँद, मेरे जैसा था वो चाँद। हर शब को सहलाया मैंने, जैसे करता था वो चाँद। लाखों सितारों की रक्षा में एक अकेला था वो चाँद। “दाग लगे है मुझ पे वफ़ा के” कह कर रोता था वो चाँद। इस धरती