Sadness Poetry – थक गया हु चल रहा हु – Sad Poem About Life

Sadness Poetry About Life In Hindi Sadness Poetry – Life Poetry थक गया हु चल रहा हु, जीवन की कसमकस मैं, ना समय है मेरे बस मैं, ना परिस्थितियाँ है मेरे बस मैं, सोचता हु हिसाब माँग लू, या सीख लू जीवन जीने की कला. बहुत हो गया सोचना विचारना, इस को खुश करना उस

Revenge Poetry – मोदी जी अब जंग करो – Anger Poetry

Revenge Poetry in Hindi Revenge Poetry मोदी जी अब जंग करो पाकिस्तान को पस्त करो बहुत हो गया अहिंसावाद गाँधीगिरी अब बंद करो बहुत खो दिए सैनिक हमने अब आर् या पार का एलान करो कुछ कुत्तो को मारने मे शेरो को मत कुर्बान करो मोदी जी अब जंग करो जानता हू जंग कभी सही

Betiyan – प्यारी बिटिया रानी – Poem on Daughters in Hindi

Betiyan Hindi Poem Betiyan मेरी प्यारी बिटिया रानी, जब वो नने नने पैरों से चलती है, मरे जीवन को खुसियो से भर्ती है, उसको मुस्कराते हुए देखकर ही, मुझे जीवन भर की खुसी मिलती है, उस को कोई कुछ बोले तो पापा का डर वो दिखाती है, अपनी छोटी छोटी फरमाइसे मुझ को बताती है,

Childhood Poem in Hindi – ना फ़िक्र है कुछ पाने की

Childhood Poem in Hindi Childhood ना फ़िक्र है कुछ पाने की, ना फ़िक्र है कुछ गवाँने की, जीवन की भागदोड से, कुछ वक्त चुराते है, फिर से बच्चा बन जाते है. बारिश के मोसम मे, फिर वही नाव चलाते है, चींटी को उस मे बेठाकर, पानी पार ले जाते है, फिर से बच्चा बन जाते

Human Nature – आज का इंसान – Poem on Human and Nature

Human Nature Poem in Hindi Human Nature आज का इंसान, झूठा और बेईमान, कलयुग के जमाने मे, ठगी, बेईमानी, रिश्वत खोरी, ये है इसके काम, आज का इंसान, झूठा और बेईमान, औरों को छोटा समझता है, खुद को उच्च समझता है, पता नही कौन से, घमण्ड मे ये रहता है, औरों से घृणा करना है

Soldiers Poetry – देश पर मर मिटने वालो मेरा नमन

Soldiers Poetry In English Soldiers देश पर मर मिटने वालो को मेरा नमन, लड़ते हुये उन सपूतो को मेरा नमन, करता हूं अरदास हर बच्चा देश का वीर बने, ना होने दे देश गुलाम, चाहे कुछ भी करना पडे, ना झुकने पाये तिरंगा, चाहे मरना पडे या मारना पडे, पर लडे जो देश पर, मर

Freedom Poem – Freedom of India – Poem on India in Hindi

Freedom Poem – Freedom of India Freedom सन 1947 से पहले गुलाम था, 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ, आज फिर गुलाम हो रहा है, ऐ कल के सितारों इसे बचा लो, राजनीति मे दुश्मन घुस बैठै, जनता का ख़ून चूस बैठै, सौ गंदे काम करते है, फिर नेता बनते है, ऐ नौजवानो इने बाहर

Corruption Poem – फैला है भ्रष्टाचार – Hindi Poem on Corruption

Hindi Poem Corruption – Corruption Poetry Corruption फैला है भ्रष्टाचार, मचा है हाहाकार, चारों तरफ़ है, गरीबी की भरमार, हर तरफ़ है लूट मार, अब तो कोई इसे, गांधी जैसा ही मिटायेगा, जो अहिंसा ओर सदाचार की बातें सिखायेगा, आओ हम सब मिलकर इसे मिटाये, भ्रष्ट नेताऔ को सबक सिखाये. —– ***** —– Phailaa  Hai

New Year Poem in Hindi – नया साल आया – Happy New Year

Poem on New Year in Hindi New Year नया साल आया, खुशीयौ का संदेशा लाया, गलतीयौ को सुधारनै का मोखा आया, आओ हमसब मिलकर भेद भाव भुलायै, नया साल खुशी से मनायै, आज हर बंधन तोडै, दिल से दिल का रिश्ता जोडै, हर दुश्मनी को भुलायै, दोस्ती का हाथ बडायै, सबसै मीठा बोलै, सबका मन