Funny Poem – पैसे की अमर कहानी – Money Poem In Hindi

Funny Poem in Hindi Funny Poem लिखूं देख पैसे की , अमर कहानी, इसके बिना है , क्या जिन्दगानी, यह ह्रदय में झूठे , भाव भी भर दे, देख अपनों में , फर्क भी कर दे, भूली याद दिला दे , पल में, यह ईर्ष्या – द्वेष , पाखंड व छल में, मधुर आवाज़ या

Human Life Poem – यदि पत्थर दिल इंसान न होते – Human Life

Human Life Poem Human Life Poem यदि पत्थर दिल इंसान न होते, फिर यहां सभी चैन की नींद में सोते। कितने बैठे भेड़िये ओढ़कर दुशाला, जो जीवन भर कांटे ही बोते। कितनों की नहीं पहुचे चीख न्याय के घर में, देखे कितने मंहगे वकील सत्य को ही खोते। है बडिया वकील देख वही यहां पर,

Poem About Work Life – कहें किससे अपनी कच्चे कर्मचारी – Poem on Sadness

Poem About Work Life Poem About Work Life कहें किससे अपनी कच्चे कर्मचारी, नहीं सुने कोई भी बात हमारी। तड़पत दिन-रात फ़िक्र से, इनके बच्चे ,बाप व् महतारी। दस वर्ष हो गए जिन्हें, हरियाणा के स्कूलों में देख पढ़ाते। जीवन ही अभिशाप बन गया, कभी हटाते कभी लगाते। घर में मातम सा छा गया, आई

Farmer Poem – बच्चों की पढ़ाई भी छुड़वाकर – Poem on Farmer in Hindi

Farmer Poem in Hindi Farmer Poem बच्चों की पढ़ाई भी छुड़वाकर, खेती के काम में लगा दिया। जिनके भरे पेट देख इसने, उन्ही ने मिटटी में मिला दिया। बेटी बेठी क्वारी घर में, कैसे उसकी शादी करूँ। नहीँ मिला मोल देख फसल का, कैसे बैंक का कर्ज भरूँ। बच्चे सोचे मन ही मन, पिताजी चुपचाप

Poem Dr. APJ Abdul Kalam in Hindi – डा. कलाम – Gratitude

Poem Dr. APJ Abdul Kalam in Hindi Poem Dr. APJ Abdul Kalam Gratitude Poem – भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को अपनी कविता के द्वारा श्रध्दांजलि सादर समर्पित। धन्य हुए मात-पिता व् गुरु भी, स्वर्ण अक्षरों में लिख गया नाम। देश को किया समर्पित जीवन, थे ऐसे भारत रत्न डा.

Poem Life Struggles – राही जीवन पथ पर हंसता चल – Life Poem

Poem Life Struggles Poem Life Struggles राही जीवन पथ पर हंसता चल। जैसे गंगा का बहता जल। नहीं पता कहां मिलेगा घर, कितने कंठों में गया उत्तर। सागर से उमड़ा बादल बन, उड़ा मस्त हवा में न कोई फिकर। कर तृप्त धरा को गया निकल। राही जीवन पथ पर हंसता चल। किसका ?नहीं किया देख

International Yoga Day Poem – योग दिवस – Yoga Day Poem

International Yoga Day Poem International Yoga Day योग का जीवन से गहरा संबन्ध है। छुपा इसमें आनन्द ही आनन्द है। विश्वस्तर पर इसे अपनाया, बने योग से निरोगी काया। जाति-मजहब से ऊपर उठकर, योग- ऋषि ने घर-2 पहुंचाया। उनके जीवन की पहली पसन्द है। छुपा इसमें आनन्द ही आनन्द है। भटके जीवन का यही सहारा,

Gratitude Poem – वाह! क्या एहसास ह्रदय में लिए – Poem Gratitude

Gratitude Poem – कवि डॉ हरिओम पवार जी के लिए ह्रदय की गहराइयों से मेरी लिखी यह रचना सादर समर्पित। Gratitude Poem वाह! क्या एहसास ह्रदय में लिए, अमृत समान शब्द पुष्प दिए। कविवर तुमको मैं प्रणाम करूं, कविताओं से भाव -विभोर किए। मन में उत्साही जगाया ऐसा, जिए अपन लिए वो जीवन कैसा। धन

Human Nature Poem – क्यों लोग इतने अन्धे है- Humanity in Hindi

Human Nature Poem – Humanity Poetry in Hindi Human Nature Poem सोचता हूं मैं बार- बार, क्यों लोग इतने अन्धे हैं। परख लेते चतुर लोग, इनमें कितने भोले हैँ। भूखे, दरिद्र और स्वार्थी, कितनों के मानव जैसे चोले हैं। अग्यानता के कारण इनके, जीवन का कोई लछय नहीं। लालच देकर इन्हें आज भी, बेशक! ले

Humanity Poem – जो जितने मशहूर हैं – Bad Behavior Poem

Humanity Poem – Bad Behavior Poem Humanity Poem जो जितने मशहूर हैं। देख अपनों से कितने दूर हैं। भूल चुके वो अपनी कहानी। मर गया जैसे आंखो का पानी। छोड दिया देख गांव भी अपना। इनके दर्शन जैसे कोई सपना। ह्रदय का अब काम नहीं है। मानसिक स्तर इतने पर भी वही है। अपनी मस्ती

Dussehra Poetry – विजयादशमी – Vijaya Dashami

Dussehra Poetry – Vijaya Dashami Dussehra Poetry पालकर बुराइयों को उम्र भर के लिए, तुम रावण का सिर्फ पुतला जलाते रहे। मिट रहे रोज कितने अज्ञान के कारण यहां, खुशी व गम के आंसू आज बोतलों से कहे। डूब जाएंगे तेरी आगोश में ऐसे हम, घर दुकान या मेरी हस्ती रहे या न रहे। जिले

Deepawali Poem – देख दिवाली ऐसे मनाए – Poem on Diwali

Deepawali Poem in Hindi Deepawali Poem देख दिवाली ऐसे मनाए। ह्रदय में प्यार के दीप जलाएं। जलें दिए, हर घर में खुशी के। न रहे ह्रदय में बैर, किसी के। अज्ञान को, ह्रदय से दूर भगाएं। देख दिवाली ऐसे मनाएं। फिजूलखर्ची की क्या लिखूं कहानी। मिले भूखे को रोटी, प्यासे को पानी। यह भाव हर,

Soldiers Sacrifice – मत भूलना अपनी याद पुरानी – Soldier Poem

Soldiers Sacrifice Poem in Hindi Soldiers Sacrifice कितनी गोलियां खाईं सीने पर, फासी झूले, कितने वीर हिंदुस्तानी। गर्व आज भी, अपने वतन पर, मत भूलना, अपनी याद पुरानी। दुष्मन खडा है सिर पर, क्यों लडते तुम आपस में। नफरत के जहर को देखो, अब मत फैलाओ घर में। एक थे हम और एक रहेंगे, देकर,

Poetry Life – जीते हैं इरादों से फिर भी – Poem About Life Lessons

Poetry Life in Hindi Poetry Life यह संसार जैसे कोई सागर, डूब रहे कभी तैर रहे। जीते है इरादों से फिर भी, मिट जाए इस तरह घेर रहे। ह्रदय है, तो बाते हैं, सासों से ऊपर, आंखें हैं। इससे ऊपर भी डोर, ज्ञान की, हरपल खतरे को, पहचानती सांसें हैं। नहीं टिकते हाथ-पैर, कभी जल

Poem Relationship – हैं रिश्ते यहां सभी – Relationship Poem

Poem Relationship in Hindi Poem Relationship हैं रिश्ते यहां सभी स्वार्थ के, लिए देख मैने संसार के। बच कर निकल न पाए, हों जैसे फंदे ये शिकार के। बिन स्वार्थ के यहां किसने, जिंदगी के जप किए। घूमते हैं वृद्ध ही क्यों, हाथ में लाठी लिए। है कौन ऐसा इस जंग में, जिसने नही आंसू

Manners and Etiquette Poetry – काल क्या जाने घर का चिराग है

Manners and Etiquette Poem in Hindi Manners काल क्या जाने घर का चिराग है, आग क्या जाने छान नई है। शेर क्या जाने गाय गरीवनी , काग क्या जाने किसका दही है। स्वार्थी क्या जाने साथ निभाना, चोर क्या जाने इस पर यही है। किस -किस का ख्याल रखे सत्ता में, देख “वेद ” लूट

Mother Poem – माँ स्मृति – Poem for Funeral for Mother

About Mother Poem in Hindi – Sad Poem Mother Poem जब धधक कर मां की चिता जल रही थी, ह्रदय मेरा दुख से फटा जा रहा था। एक -एक बात तुम्हारी याद आ रही थी, जीवन में जो, तुमने मुझसे कहा था। पास में ही खडा था, मैं भी तुम्हारे, रह -रह कर दिल मेरा

Life Poem – अपना देख यही परिचय – Life Poetry

Life Poem in Hindi Life Poem संघर्षों में हुआ उदय, ठोकर खाया हुआ ह्रदय। रखा धैर्य जीवन में फिर भी, अपना देख यही परिचय। आती थी खुद पर कभी दया, खुश हुआ मिला, अनुभव नया। क्या लिखूं और अपनी व्यथा, वो वक्त था, जो गुजर गया। मंजिल कभी, खत्म नहीं होती, फिर हार -जीत का

Poem Father – उस ह्रदय में ही खास बात है – Father Poem

Poem Father in Hindi Poem Father उस ह्रदय में ही खास बात है, जिसको सभी का एहसास है। मैंने भटककर देखी है दुनिया, वो ह्रदय पिता के पास है। उनकी आह! से जलते दिए, जो करते हैं रोशनी रात में। सुनकर तृप्त होती है आत्मा, जैसे शीतल जल करे प्यास में। है यह संसार भयंकर

Thought Poetry – विवेक – Deep Thought Poetry

Thought Poetry In Hindi Thought Poetry पहचाने देख सत्य-असत्य विवेक। ह्रदय में भरे एहसास एक से एक। मंदिर- मस्जिद खुदा का घर है, पाप करने क्यों आया इधर है। देख मुझे वह जगह बता दे, जहां पाप न आए, उसे नजर है। जो ह्रदय में खुदा नहीं, फिर कहीं नहीं वो देख। ह्रदय में भरे