My Mother Poem – शिकायत – Poem on Mother in Hindi – 2

My Mother Poem – Poem on Mother in Hindi My Mother Poem माँ बहुत बात करनी है तुमसे, बहुत कुछ भरा है इस मन में सब कुछ उड़ेल देना चाहती हूँ सबकुछ तुम्हे बता देना चाहती हूँ, क्यों नहीं सुनती अब बस थोड़ी देर, के लिये ही सही आ जाओ नहीं रोकूगी, वादा रहा तुमसे

Betrayal Poem – चुभते नहीं अब तो – Betrayal in Love

Betrayal Poem – Betrayal in Love Betrayal Poem चुभते नहीं अब तो, तेरी यादों के नश्तर भी. बहते नही अब अश्क आखों से, रिसता है लहू अब इनसे, हद से बढ़ कर दर्द भी अब फुगा हो चला है. जिन्दगी भी अब हिसाब चुकाने लगी है. रफ्ता रफ्ता यूँ , मुट्ठियों से फिसलने लगी है.

Love You Poem – Love Between You and Me – Love Poem

Love You Poem – Love Poem Love You Poem कुछ तो है, तेरे _मेरे दरमियॉ न जाने, कौन सी अदृश्य डोर खीचती है, मुझे तेरी ओर, कुछ टूटा सा तुझमें है, कुछ चटका सा मुझमें है. और कुछ अकेला सा तू है, कुछ तन्हा सी मैं भी. कुछ खोजता तू भी है, और कुछ ढ़ूढ़ती

Tea Time Poem – चाय का कप और तुम्हारी यादें – Memories Poetry

Tea Time Poem – Memories Poetry Tea Time Poem मैं, पहला चाय का कप और तुम्हारी यादें, सब कुछ तो वैसा ही है, न जाने क्यो, आजकल ये कप कुछ रूठा_रूठा सा फिर रहा है, मुंह फुलाया सा, कुछ अनमना सा, शिकायत भरी नजरों से, नजरे चुराता हुआ सा, चाहता है, मैं जान भी लूं,

Truth Poem – सत्य की खोज – Seeker of Truth Poem

Truth Poem – Seeker of Truth Poem Truth Poem सोचा न था, एक सुबह यूं भी आएगी, हर सवेरा देता था, जीवन के आगे बढ़ने का संदेश.. हर भोर कर जाती थी मुझे भाव विभोर, हर रात बुनती थी हजारो स्वप्न, उन स्वप्नो को यथार्थ में परिवर्तन होते देखने की लालसा ने कभी न ले

Human Nature Poem – क्या जानना नहीं चाहोगे – Hindi Kavita

Human Nature Poem – Poem on Human and Nature Human Nature Poem क्या जानना नहीं चाहोगे? मैं कहाँ, किस हाल में हूँ, जीवित भी हूँ या फिर मर-खप गई हूँ। शायद तुम नहीं जानना चाहोगे। तुम तो पुरुष रूप में जन्म पाकर लिप्त हो मौके-बेमौके अपनी पौरुषता के एकाकी स्वांग रचने में। ओ पुरुष, मगर

Taj Mahal Poem – आज ताजमहल कहलाता है – Hindi Poem

Taj Mahal Poem – Hindi Poem Taj Mahal Poem जो आज ताजमहल कहलाता है ओ मुमताज़! क्या तुम जानती हो? तुम्हारी याद में बनवाया गया ताजमहल, जो आज कहलाता है ‘मुहब्बत का मक्का’, केवल तुम्हारी ही कब्रगाह नहीं है वहाँ तो दफ़्न हैं न जाने कितने फ़नकारों की कितनी ‘मुमताज़े’। यकीनन, ताज निशानी है मुहब्बत

Prem Poem In Hindi – प्रेम आग के लिए पानी है – Love Poem

Prem Poem In Hindi – Love Poem Prem Poem प्रेम आग के लिए पानी है, पानी के लिए आग है । बहुत विस्तृत है फ़लक प्रेम का जिसकी मात्र एक बूँद में समा सकती है समस्त सृष्टि । इतना व्यापक है प्रेम का वितान कि यह समतुल्य है ईश्वर के इसके विपरीत नफ़रत प्रतीक है

Swati Nakshatra – जीवन की इस बहती नदी – Journey Of Life Poem

Swati Nakshatra – Journey Of Life Poem Swati Nakshatra जीवन की इस बहती नदी में गहरे पैठें हैं ज्ञान के मोती, समझदारी की सीपियां और भौतिक ऐश्वर्य की कौड़ियां निपट बुद्धि बन मत चुनना तुम भौतिक ऐश्वर्य की कौड़ियां, हो अति तर्कवान तुम मत करना एकत्रित ज्ञान के मोती भी मगर ओ मित्र! तुम लेना

Environment Poem – एक दिन सुखा दी जाएंगी – Poem on Beauty

Environment Poem – Poem on Beauty Environment Poem एक दिन सुखा दी जाएंगी सारी नदियाँ या फिर कर दी जाएंगी तब्दील नालियों में । एक दिन सजा दिए जाएंगे सारे पेड़ गगनचुम्बी इमारतों की बैठकों में या शयनकक्षों में । बस उसी एक दिन खो बैठेगा मानव टिटहरी का नाद, झींगुर का गीत और जंगल

Life Struggles Poem – अपने हिस्से की खुशियाँ – Life Poem

Life Struggles Poem – Life Poem Life Struggles Poem अपने हिस्से की खुशियाँ बांध कर रख दी हैं मैंने पोटली में जहाँ से उठाओ वहीं छोड़ जाना अपने हिस्से की सारी तकलीफ़ें संभाल लूँगी मैं इन सारी तकलीफ़ों को। औरत हूँ न! जन्मजात है मुझमें ग़म को ख़ुशी की तरह सीने से चिपकाए रखने की