Heart Relationships – Relationship Poem – Hindi Poetry

Some Heart Relationships Poem in Hindi Heart Relationships कुछ दिल के रिश्ते, कुछ खून के है। दोनो साथ चलेगे ऊम्र भर मेरे।। दिल के रिश्ते खुद से जोडे, खुदाई रूप है, खून का रिश्ता पाना। विष्वास भरे है दोनो हि,दोनो का अपना रौब ठिकाना।। कमजोर होता है जितना, उतना हि मजबूत भी। खो देते है

Describe Feeling Love – कभी कभी दिल कि बात – Falling in Love

Describe Feeling Love Poem in Hindi Describe Feeling Love कभी कभी दिल कि बाते और उसके अहसास को शब्द भी बया नहि कर पाते हर भाव को कागज पर उतार देने से ,बेजुबान अहसास को अवाज मिल जाती है पर वो उस हाल को नहि बताती, उस जस्बात से नहि मिला सकती किसी को, जो

Life Seems Unfortunate – कभी कभी लगता है – Love Poem

Life Seems Unfortunate Poem in  Hindi Life Seems Unfortunate – A Love Poem कभी कभी लगता है अब भी तुम पास हो ।। जैसे हि पलट कर देखने कि सोचो दिल जोर से धडक जाता है।। लगता है जैसे तुम कह रहे हो कुछ पल रहने दे ऐसे हि।। धून्ध से बना हुआ हू मैं

Strong Woman Poem – Poem About a Strong Woman of God

Poem About a Strong Woman of God – Strong Woman Poem Strong Woman Poem माना तुम राम हो, मगर मैं वो सीता नहीं…! मर्यादा पुरुषोत्तम हो तुम, मैं ठहरी मर्यादा विहीन। विश्वास राम का बहुत दृढ़ था सीता पर तब भी बेचारी की अग्नि परीक्षा काम न आई। प्यार, भरोसा और विश्वास, महान था उनका

Sad Love Poem – मैं रोई, दिल खूब हसा – Sad Poem About Life

Sad Love Poem in Hindi Sad Love Poem इस डर से कभी नहीं कहा कि दिल टूट जाऐ ना। इस प्यार से मेरा कोई रूठ जाए ना।। मुमकिन नहीं था कभी मेरा दिल लगाना तुमसे। बीन माँगे हाथ बढाया जो रोक न पाऐ आजमाने से खुदको।। हकिकत कडवी थी मेरी मगर मुझे शिकायत नहीं थी।

Language Poetry – भाषा – Poem on Language in Hindi

Language Poetry in Hindi Language Poetry भाषा!क्या है भाषा? क्या भाषा इनसान कि पहचान है! या भाषा विकास को आंकने का मानक है! क्या भाषा महानता या तुच्यता का सुचक है! भाषा! आखिर क्या है? क्यो इसे लेकर बवाल होता है? क्यो भाषा भी बटवारे कि आँच सेक रही। भाषा भाव को, अहसास को अपनी

Friendship Poem in Hindi – हमारी दोस्ती – Poem on Friendship

Friendship Poem in Hindi Friendship Poem कितनी पुरानी है हमारी दोस्ती, सुनके सब हैरान हुआ करते है, कैसे निभा रहे अभी तक, सुनकर सब चौंक उठा करते है बारह साल की हो गई फिर भी मासूमियत से भरी है हमारी दोस्ती। सबके निगाहों को नूर सी, लगती है हमारी दोस्ती, स्कूल के पेडों से लेकर,

Hate Love Poetry – वफा से नफरत – Poem on Hate

Hate Love Poetry in Hindi Hate Love Poetry मेरी वजह से दिल दुखा तो सजा मुझे तुम दे देना जितनी चाहे उतनी नफरत जी भर कर तुम कर लेना। जानती हूँ मैंने बहुत गलत किया बीच में आकर रिश्तों को तार किया बस इतनी सी खता है मेरी पहाड़ जैसे गमों से तुमदोनों को दूर

Respect Woman Poem – रानी पद्मावती – Woman Poetry

Respect Woman Poem – Woman Poetry Respect Woman Poem बॉलीवुड का खेल अजब है जिसने इतिहास की गरिमा लुटाया है । चन्द पैसों के लिए ईमान को भी खोया है झूठी शोहरत झूठी आन ही केवल पाया है । पद्मावती की गरिमा घटाकर क्या तुमने पाया है कुछ तो शर्म करो कैसी भूल करता आया

Birds Poetry – Poem About Birds in Hindi – अंतर्मन

Birds Poetry in Hindi Birds Poetry मेरे घर के मुंडेर पर नित एक चिड़िया आती है फुदक – फुदक कर दाने चुुगती मन को मेरे हर्षाती है । अंतर्मन में उसके लिए अपार स्नेह बरसता है जैसे वह हो कोई मेरा सच्चा साथी देख हृदय कमल खिल उठता है । आजाद होकर ये चिड़िया नील

Brother Poem – भाई – Poem on Brother in Hindi Language

Poem on Brother in Hindi Language – Brother Poem Brother Poem मुझे एक भाई बड़ा ही प्यारा मिला अंजाना सा रिश्ता बड़ा न्यारा लगा। थी बहुत मायूस अपनों की हरकतों से बस परायों से बड़ा दिल को सहारा मिला। यूं कहने को तो मेरे भी अपने भाई हैं लेकिन हर फर्ज से वह नाकारा मिला।

Truth Poem About Life – आजकल की बातें – Poem Time

Truth Poem About Life Truth Poem – Poem on present time आजकल हर चेहरा नकाबपोश होता है जिसे देखो वही एहसान फरामोश होता है जुल्मों को सहते लोग जमाना भी न जाने क्यों खामोश होता है अपना ऐब नजर आता नहीं किसी को बस दूसरे में दोष होता है दूसरे के घर में ताका- झांकी

Poem Experience in Life – जिंदगी का अनुभव – Life Poem

Poem Experience in Life Poem Experience लिखना था मेरा फसाना पर मिला नहीं कोई बहाना जिंदगी मेरी बनी किसी का निशाना मत मुझसे अब दोस्ती कोई फरमाना कि सभी हैं मेरे लिए अनजाना सर्दी का मौसम है नहीं सुबह में नहाना आज नहीं तो कल मुझे भी मिलेगा ठिकाना क्यों किसी को बेवजह रूलाना मौसम

Toys Poem in Hindi – मासूम गुड़िया – Poem About Toys

Toys Poem in Hindi Toys Poem एक छोटी सी गुड़िया थी हमेशा हंसती मुस्कुराती जिंदगी को बहुत हसीन मानती थी फिर वह गुड़िया छोटी से बड़ी हुई सपनों की दुनिया में रंग भरना चाहती थी सबके लिए कुछ खास करना चाहती थी अपनी जिंदगी में प्रेम के दीए जलाने चली थी पता नहीं था उसे