Pain Poem – मत करो बदनाम – Poem on Suffering And Pain

Pain Poem – Poem on Suffering And Pain

Pain Poem

मत करो बदनाम बिहार को,
अनुरोध आज मैं करता हूँ
है खूबसूरत प्रदेश हमारा,
संग तेरे मैं चलता हूँ ।

किया खात्मा नशा बिहार से,
आप भी कर दीजिए
मिटा नशा भारत से बिलकुल,
स्वमान बढ़ा अब लीजिए।

माना थोड़ा पिछड़ गए हम,
आप मदद कर दीजिए
माँग रहे वर्षों से हम,
अब तो दर्जा दे दीजिए।

मेहनतकश बिहार की जनता,
छल-कपट नहीं ये जानती,
करती है अनुरोध आपसे
हक ये अपना मांगती ।

छात्र-छात्रा नाम बिहार का,
जग में रौशन करते हैं
क्यों कर रहे बदनाम बिहार को,
जब लाज हम आपकी रखते हैं ।

सत्य अहिंसा ज्ञान का हमने,
जग को पाठ पढ़ाया है
जब पड़ी जरूरत शौर्य बल की,
दुश्मन को धूल चटाया है ।

इतिहास आदिकाल में जाकर,
नाम बिहार पढ़ लीजिए
मांग रहे वर्षों से हम,
अब तो दर्जा दे दीजिए ।

ये आवाज नही सीएम की अपनी,
बिहार ने ऐसा बोला है,
चोर, उचक्के, माफिया का मन,
व्यवस्था देखकर डोला है ।

मत करो बदनाम बिहार को,
अनुरोध आज मैं करता हूँ
है खूबसूरत प्रदेश हमारा,
संग तेरे मैं चलता हूँ।


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