Affliction Poem – वेदना – Poem on Suffering And Pain

Affliction Poem – Poem on Suffering And Pain

Affliction Poem

है असीम वेदना!
नहीं कोई संवेदना,
अपनों के दिए रोग हैं,
किसी जनम के भोग हैं,
इस दर्द की दवा कहाँ?
जो फैल रहा कर्क(केंसर) सा,
पड़े है मँझधार में,
निगाह है तलाश में,
अन्त किसने है रचा?
मिली कहाँ से है सजा?
धार बड़ी तेज है,
नाव में भी छेद है,
पतवार जिसके हाथ में,
खड़े नहीं हैं साथ में,
भँवर है, बिक्षोभ है,
जालिम बड़ा खामोश है,
सीखा नहीं जो चेतना,
उसी की है यह वेदना,
यह असह वेदना!
किसी की कहाँ संवेदना!