BHU Case – BHU प्रकरण के संदर्भ में – Short Poem on Bravery

BHU Case – Short Poem on Bravery

BHU Case

अबला नहीं तुम जान लो, फरियाद करना छोड़ दो,
हक़ अगर कोई छिने तो, हाथ उसका तोड़ दो,

जीतना है रण अगर तो, कूद जा मैदान में,
खींच ले तलवार अपनी, जो पड़ी म्यान में,

आँसुओं से भींग न अब, रक्त की गंगा बहा,
देख टिकता कौन है तब, वेग लेती जब हवा.